गिरिजा ठाकुर 

वसूली में भिड़े यातायात विभाग के जिम्मेदारों का ध्यान इस ओर नहीं

अंबिकापुर। शहर के हृदयस्थल की संज्ञा वैसे तो कलेक्ट्रेट की ओर जाने वाले घड़ी चौक को दी जाती है, लेकिन शहर का गुरुनानक चौक भी किसी हृदय स्थल से कम नहीं है। इस चौक से चंद दूरी पर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, कोतावाली थाना, सीएसपी कार्यालय, बिजली विभाग का कार्यालय के साथ ही शहर का सबसे बड़ा विद्यालय मल्टीपरपज स्कूल, शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, नगर पालिका स्कूल के अलावा एंटी करप्शन ब्यूरो का कार्यालय है। चौक में विशेष कर स्कूल की छुट्टी के समय आलम यह रहता है कि आधे से एक घंटे लोग जाम में फंसे रहते हैं। ऐसे में स्कूली बच्चों को काफी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। बच्चे समय पर स्कूल नहीं पहुंच पाते हैं और उन्हें पनिशमेंट झेलना पड़ता है। विलंब की स्थिति में ऐसे हालातों के बीच कई बार बच्चों को जूझते देखा गया है।

हैरत की बात यह है कि शहर में यातायात व्यवस्था सुदृढ़ करने के नाम पर वाहनों की चेकिंग और भारी भरकम जुर्माना ठोंकने वाले जिम्मेदार पुलिस अधिकारी या जवान यहां नजर नहीं आते हैं, जिस कारण बेतरतीब आवाजाही होती है। जबकि इस चौक से गुदरी बाजार, पुलिस थाना, महामाया चौक, पुलिस लाइन रोड की ओर लोग आना-जाना करते हैं। गुरुवार को कुछ ऐसा ही नजारा यहां देखने को मिला। पौन घंटे से अधिक जाम में स्कूली छात्र-छात्राएं फंसे थे। कोई स्वयं के साइकिल से स्कूल जा रहा था, तो कोई ऑटो से। ऑटो चालक जाम से निकलने और बच्चों को स्कूल पहुंचाने की कोशिश में था लेकिन स्थिति ऐसी थी कि पैदल जा रहे लोगों का जाम से निकल पाना मुश्किल था। स्थिति यह बन गई कि कई छात्र-छात्राएं ऑटो से उतरकर पैदल भीड़ को चीरते अपने शिक्षण संस्थानों की ओर रुख कर लिए। इन्हें इस बात का डर था कि स्कूल पहुंचने में देर होने पर उन्हें पनिशमेंट मिल सकता है। आधे घंटे से अधिक हो गए थे जाम लगे, बाद में कोतवाली थाना के दो दरोगा और एक आरक्षक, जिनकी नजर संभवत: कोतवाली थाना के सामने तक खड़ी वाहनों पर पड़ी और वे मौके पर यातायात पुलिस कर्मियों की जिम्मेदारी निभाने में भिड़ गए, इसके बाद लोगों को राहत मिली।

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