अंबिकापुर। सरगुजा जिले के उदयपुर विकासखंड अंतर्गत मतरिंगा जंगल में इंद्रधनुषी गिलहरी देखने को मिली है। वन विभाग का मानना है कि सरगुजा में पहली बार ऐसी गिलहरी देखी गई है। एक पशु-पक्षी प्रेमी प्रतीक ठाकुर ने दुर्लभ इंद्रधनुषी गिलहरी को अपने कैमरे में कैद किया है। मालाबार जायंट गिलहरी के नाम से भी इसे जाना जाता है। इस गिलहरी को महाराष्ट्र में राजकीय जीव का दर्जा प्राप्त है। महाराष्ट्र में इसे शेकारू कहते हैं। यह अपना घोंसला ऊंचे पेड़ों पर छोटी टहनियों पर बनाती है। यह शाकाहारी होती है और फल-फूल, नट्स खाती है। इंद्रधनुषी गिलहरी डेढ़ से तीन फीट लंबी होती है। एक पेड़ से दूसरे पेड़ पर करीब 20 फीट की छलांग यह गिलहरी लगा सकती है। तेंदुए, बाज, उल्लू सहित अन्य उसका शिकार न कर सकें, इसलिए वह अधिकतर ऊंचे पेड़ों में रहती है। इसके शरीर पर काला, पीला, भूरा, नारंगी, लाल सहित अन्य रंग होते हैं। यह गिलहरी दक्षिण भारत व मध्य भारत में मिलती है। पूर्व में सरगुजा में उडऩे वाली गिलहरी देखी गई है।

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