माता-पिता अशिक्षित, सीमित संसाधन के बीच सीयूईटी-पीजी 2026 में लहराया परचम

उदयपुर। कहते हैं हौसले बुलंद हों तो मंजिलें खुद रास्ता देती हैं। इस बात को सच कर दिखाया है सरगुजा जिले के उदयपुर तहसील के छोटे से गांव सालही, परसा के होनहार युवा, राजा जयसिंह कुसरो ने। कठिन हालात और सीमित संसाधनों को मात देते हुए उसने देश के सबसे प्रतिष्ठित संस्थान दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के तीन वर्षीय एलएलबी कार्यक्रम में अपना स्थान पक्का कर लिया है।

राजा जयसिंह ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी द्वारा आयोजित सीयूईटी-पीजी 2026 परीक्षा में शानदार प्रदर्शन कर यह सफलता हासिल की है। एक साधारण ग्रामीण परिवेश में पले-बढ़े राजा के माता-पिता अशिक्षित हैं। घर की आर्थिक स्थिति भी मजबूत नहीं थी। लेकिन राजा ने हालातों से हार नहीं मानी। अपनी सफलता पर राजा जयसिंह कुसरो ने कहा, यदि दृढ़ संकल्प हो तो सीमित संसाधन या गरीबी सफलता पाने से नहीं रोक सकती। निरंतर प्रयास किया जाए तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता। उन्होंने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय माता-पिता, गुरुजनों, मित्रों और शुभचिंतकों को दिया।

राजा ने अपनी सफलता उन सभी ग्रामीण विद्यार्थियों को समर्पित किया है जो संसाधनों की कमी के बावजूद बड़े सपने देखते हैं। उनके चयन की खबर से सालही गांव के साथ पूरे सरगुजा क्षेत्र में खुशी की लहर है। युवाओं में शिक्षा के प्रति नया जोश और विश्वास जागा है। राजा की इस उपलब्धि पर गांव के लोगों, रिश्तेदारों और परिचितों ने प्रसन्नता जताई है। सभी ने उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए शुभकामनाएं दी हैं। क्षेत्र के लोगों को भरोसा है कि वे भविष्य में विधि के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करके समाज और देश का नाम रोशन करेंगे।

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