शुक्रवार को परिवीक्षा अवधि के नर्सिंग स्टॉफ ने संभाला अस्पताल
मांग पूरी नहीं हुई तो 21 अगस्त से करेंगे अनिश्चितकालीन आंदोलन

अंबिकापुर। राजमाता श्रीमती देवेंद्र कुमारी शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय संबद्ध जिला चिकित्सालय में कार्यरत नर्सिंग संवर्ग एवं चिकित्सकों द्वारा पांच सूत्रीय मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया है। इसी क्रम में शुक्रवार को नर्सिंग संवर्ग एवं चिकित्सक एकजुट होकर अस्पताल के प्रवेश द्वार में जमकर नारेबाजी की और लंबे समय से की जा रही मांगों के परिप्रेक्ष्य में सरकार को आइना दिखाते हुए एक दिन काम से पृथक रहे। शुक्रवार को अस्पताल का दारोमदार परिवीक्षा अवधि के नर्सिंग स्टॉफ व नर्सिग के छात्र-छात्राओं ने संभाला। उपमुख्यमंत्री व प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव के गृह जिले व नगर में शुरू किए गए आंदोलन के परिप्रेक्ष्य में इन्होंने कहा कि उनकी मांगों को शासन-प्रशासन के द्वारा नजरअंदाज किया जाता रहा है। हाल में अनुपूरक बजट में भी स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों एवं अधिकारियों की उपेक्षा की गई है। ऐसे में छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य फेडरेशन अपनी मांगो को लेकर प्रांतव्यापी चरणबद्ध आंदोलन 11 अगस्त से शुरू कर दिया है। स्वास्थ्य अमले के महत्वपूर्ण घटकों का दावा है कि उनकी हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से चरमरा गई हैं। मांग पूरी नहीं होने की स्थिति में 21 अगस्त से उनका अनिश्चितकालीन आंदोलन प्रस्तावित है।
इनकी मांगों में स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत ग्रामीण क्षेत्र के एएनएम, एमपीडब्ल्यू एवं स्टाफ नर्स की वेतन विसंगति विभाग द्वारा प्रस्तावित वेतनमान अनुरूप दूर करना एवं चिकित्सकों के वेतनमान, वेतन, स्टाइपेंड संबंधी मांग को जल्द पूरा करना, प्रदेश के मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप कोरोना काल में सेवा देने वाले चिकित्सक एवं स्वास्थ्य कर्मियों को विशेष कोरोना भत्ता का भुगतान करना है। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी शनिवार एवं रविवार (वार्षिक 104 दिवस अतिरिक्त कार्य), राष्ट्रीय एवं स्थानीय अवकाश के दिन भी अपनी सेवा देते हंै जबकि अन्य विभाग में शनिवार-रविवार के साथ-साथ राष्ट्रीय एवं स्थानीय अवकाश भी प्राप्त होते हंै। इस तरह अन्य विभाग की तुलना में स्वास्थ्य विभाग का चिकित्सकीय अमला वर्ष में लगभग 132 दिवस (लगभग साढ़े चार माह) अधिक कार्य करते आ रहा है। ऐसे में अवकाश में लिए जाने वाले कार्य का प्रतिमाह वेतन के साथ अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि भुगतान करने की मांग की गई है। इसके अलावा अन्य मांगों की ओर ध्यानाकर्षण कराते हुए इस पर विचार करने व उचित कार्रवाई का आग्रह किया गया है। कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में छत्तीसगढ़ हेल्थ फेडरेशन द्वारा चरणबद्ध आंदोलन के तहत 21 अगस्त 2023 से अनिश्चितकालीन आंदोलन किया जाएगा। चरणबद्ध आंदोलन की कड़ी में शुक्रवार को 300 से अधिक कर्मचारियों के आंदोलन में शामिल होने का दावा किया गया।
आईपीएचएस अनुसार हेल्थ सेटअप रिवाइज नहीं
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में विगत कुछ वर्षों में मरीजों की संख्या राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रम एवं योजनाओं एवं स्वास्थ्य सुविधाओं में वृद्धि हुई है, लेकिन हेल्थ सेटअप रिवाइज नहीं किया गया है, जिसके कारण स्वास्थ्य कर्मचारियों एवं अधिकारियों पर कार्य का अतिरिक्त बोझ है। गुणवत्तायुक्त स्वास्थ्य सेवाएं भी प्रभावित हो रही हंै। इसे देखते हुए आईपीएचएस अनुसार सेटअप रिवाइज करने एवं रिक्त पदों पर एनएचएम के संविदा कर्मचारियों को समायोजित करने व रिक्त पदों पर यथाशीघ्र भर्ती करने की ओर ध्यानाकर्षण कराया गया है।
हिंसात्मक गतिविधियों पर हो संस्थागत एफआइआर
स्वास्थ्य विभाग के नर्सिंग स्टॉफ व चिकित्सकों का कहना है कि चिकित्सकीय कार्य में लगे अमले पर हिंसा की घटनाओं में वृद्धि होने से कर्मचारियों एवं अधिकारियों में भय का माहौल है। प्रदेश का चिकित्सकीय अमला जान-माल के नुकसान को लेकर चिंतित है। मांग की गई है कि हिंसात्मक घटनाओं की सूची तैयार कर आरोपी के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई के निर्देश समस्त पुलिस अधीक्षकों को प्रसारित किए जाएं। बढ़ती हिंसा पर लगाम लगाने के लिए किसी भी संस्था में हिंसात्मक घटना होने पर कार्यालय प्रमुख द्वारा तत्काल संस्थागत एफआइआर कराया जाए। गृह विभाग द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार आरोपी की, मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट एवं हिंसात्मक घटनाओं में समस्त धाराओं के तहत 24 घंटे में गिरफ्तारी के आदेश प्रसारित किए जाएं। पीड़ित अधिकारी या कर्मचारी को अवकाश की पात्रता मिले। समस्त स्वास्थ्य संस्थाओं में गार्ड की नियुक्ति की जाए।
160 परिवीक्षा अवधि के नर्सिंग स्टॉफ की लगी ड्यूटी
अस्पताल अधीक्षक डॉ. आरसी आर्या ने बताया कि जिला अस्पताल की नर्सों व मेडिकल स्टॉफ की हड़ताल को देखते हुए 160 परिवीक्षा अवधि के नर्सिंग स्टॉफ को अस्पताल की जिम्मेदारी सौंपी गई है। एकस-रे, सोनोग्राफी, सिटी स्कैन जांच में किसी प्रकार का अवरोध नहीं हुआ है। अस्पताल में मरीजों को सुविधाएं पूर्ववत मिल रही हैं। ओपीडी व आईपीडी में भी स्थिति सामान्य बनी हुई है।

Categorized in: