पार्षद की शिकायत पर कमिश्नर ने सरगुजा कलेक्टर को जांच का दिया निर्देश

अंबिकापुर। सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत माजा के राजाकटेल बस्ती में विलुप्त राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र पंडो जनजाति की जमीन पर झारखंड, बिहार, बंगाल से आए धर्म विशेष के द्वारा जबरन जमीन कब्जा कर घर निर्माण करने बावत संभागायुक्त का ध्यान आकर्षित वरिष्ठ पार्षद आलोक दुबे ने कराया है, जिस पर उन्होंने जांच, कार्रवाई का निर्देश सरगुजा कलेक्टर को दिया है।
वरिष्ठ पार्षद ने संभागायुक्त को अवगत कराया था कि विलुप्त जनजाति पण्डो, राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहलाते हैं। ऐसे ही अनुसूचित जनजाति बहुल समाज के लोग लखनपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम माजा में निवासरत हैं। ग्राम पंचायत का सरपंच गणेश पंडो है। पंचायत का ही एक टोला राजाकटेल है, यहांं 12 पंडो जनजाति के लोग कई पीढ़ियों से निवास करते आ रहे हैं। इनकी सरगुजा सेटलमेंट एवं सरकार से शासकीय पट्टे पर मिली जमीन पर झारखण्ड, बिहार एवं बंगाल से आकर धर्म विशेष के लोग कब्जा करके बैठे हैं, जो बकरी, ताबीज एवं चूड़ी मनिहारी बेचने के नाम पर इस गांव में आए और सरगुजा सेटलमेंट, शासन से प्राप्त पट्टे जिनके पास थी, उनको डरा-धमकाकर, शराब पिलाकर अधिकांश जमीनों को स्टाम्प पर 50 साल, 30 साल के लीज पर लिखवा लिए हैं। बताया गया है कि राजाकटेल ग्राम में करीब 500 मुसलमान परिवार घर बनाकर पंडो ग्रामीणों की जमीन पर बस गए हैं। वरिष्ठ पार्षद ने कहा है कि पंडो जनजाति की संख्या लगातार पूरे देश एवं प्रदेश में कम होती जा रही है। इनके अस्तित्व को बचाए रखना जरुरी है। ऐसे में इनके जमीन की वापसी की पहल जरूरी है। उन्होंने राजस्व अधिकारियों की टीम बनाकर मामले की जांच कराने और पंडो जनजाति की जमीन को बाहरी धर्म विशेष के लोगों से मुक्त कराने का आग्रह किया है।

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