निर्माण कार्य होने से मरीजों के आंखों में धूल जाने का खतरा

अंबिकापुर। शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय संबद्ध जिला अस्पताल के नेत्र विभाग में लगभग एक माह से ऑपरेशन अवरूद्ध है। इसके पीछे कारण यहां चलने वाला निर्माण कार्य है। अस्पताल प्रबंधन इससे अनभिज्ञ नहीं है, फिर भी निर्माण कार्य चलने तक पृथक से ऑपरेशन की व्यवस्था सुनिश्चित नहीं हो पाई है। नेत्र विभाग में जांच कराने लोगों की भीड़ जरूर लग रही है, लेकिन ऑपरेशन के मामलों को पेंडिंग रखा जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक अस्पताल के नेत्र विभाग में व्यवस्थित ऑपरेशन थिएटर बनाने की पहले चल रही है। भवन के कुछ हिस्से को तोड़कर सीढ़ी का निर्माण शुरू किया गया है। निर्माण कार्य चलने से धूल, मिट्टी के कण मरीजों के आंखों में जाने का खतरा बना रहता है। आंखों में इंफेक्शन की संभावना को देखते हुए यहां नेत्र व्याधि से ग्रसित मरीजों की जांच करके आवश्यक दवा उपलब्ध कराई जा रही है। इंफेक्शन के खतरे को देखते हुए ऑपरेशन योग्य केस पेंडिंग रखना चिकित्सकों की मजबूरी है। नेत्र विभाग में चल रहे निर्माण कार्यों को देखते हुए कुछ दिन पूर्व अस्पताल अधीक्षक डॉ. आरसी आर्या ने किसी प्रकार के व्यवधान की स्थिति न बने, सुनिश्चित करने के लिए विभाग के जिम्मेदारों को निर्देशित किया था। हालात ऐसे हैं कि कोई भी जिम्मेदार चिकित्सक ऑपरेशन जैसे जोखिम को धूल-धुसरित माहौल के बीच नहीं करना चाहता है। नेत्र विशेषज्ञों का मानना है कि ऑपरेशन वाले मरीजों को ऐसे माहौल में रखना उचित नहीं है इसलिए जांच में ऑपरेशन योग्य पाए जाने वाले मरीजों को वेटिंग में रखा जा रहा है। नेत्र विभाग के बिस्तर मरीजों के बिना खाली हैं। बताया जा रहा है कि दिसंबर माह के बाद जनवरी 2024 में मोतियाबिंद सहित आंख से संबंधित अन्य ऑपरेशन नहीं हो पाए हंै। इमरजेंसी की स्थिति में ही आवश्यक उपचार सुविधा मरीजों को भर्ती करके उपलब्ध कराई जाती है। आगामी 15 फरवरी तक ऑपरेशन नहीं होने की संभावना बनी हुई है। ऐसे में जिले में मोतियाबिंद ऑपरेशन बाधित होगा। वर्तमान में जिले के एकमात्र उदयपुर स्वास्थ्य केंद्र में नेत्र रोगियों के लिए ऑपरेशन की सुविधा उपलब्ध है।

ऑपरेशन के लिए उपयुक्त है ठंड
चिकित्सकों का कहना है कि ठंड के मौसम को सर्जरी के लिए उपयुक्त रहता है। इस सीजन में आंखों के सर्वाधिक ऑपरेशन होते हैं। इंफेक्शन होने का खतरा कम होता है। ठंड के कारण घाव भी जल्दी भर जाते हंै।

शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के नेत्र विभाग में ऑपरेशन थिएटर का काम चलने से सर्जरी की सुविधा मरीजों को फिलहाल नहीं मिल पा रही है। इसमें लगभग 15 दिन और समय लगेगा। सरगुजा जिले के उदयपुर स्वास्थ्य केंद्र में नेत्र रोगियों के सर्जरी की सुविधा है। सीतापुर में भी जल्द ही नेत्र व्याधि से ग्रसित लोगों को सर्जरी की सुविधा मिलने लगेगी।
डॉ. आरएन गुप्ता
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सरगुजा

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