वाहन दुर्घटनाग्रस्त होने पर पुलिस का हथियार लेकर भाग रहा था, फायरिंग भी किया
रायपुर। कुख्यात गैंगस्टर अमन साव को पुलिस ने एनकाउंटर में मार गिराया है। गैंगस्टर अमन साव को सोमवार की देर शाम रायपुर सेंर्ट्ल जेल से झारखंड पुलिस उसे अपने साथ रांची ले जा रही थी। इसी दौरान पलामू के पास पुलिस वाहन का एक्सीडेंट हो गया। सड़क हादसे के बाद अमन साव पुलिस का हथियार छीनकर भाग रहा था। इस दौरान पुलिस के साथ उसकी मुठभेड़ हुई और वो मारा गया।
बता दें कि बीते 14 अक्टूबर 2024 को रायपुर के एक कारोबारी पर फायरिंग हुई थी। इस हमले में अमन साव का नाम सामने आया था। आरोप लगा था कि कारोबारी से वसूली को लेकर यह फायरिंग हुई थी और ये हमला अमन ने ही जेल के अंदर से करवाया था। इस जानकारी के बाद रायपुर पुलिस ने रिमांड पर अमन साव को झारखंड से रायपुर लाया था और तब से वो 148 दिनों तक रायपुर की सेंट्रल जेल में बंद था। बीते सोमवार 10 मार्च की शाम रांची पुलिस एक फायरिंग के मामले में उसे अपने साथ पूछताछ के लिए ले जा रही थी। दरअसल, रांची के बरियातू थाना इलाके के शासकीय गर्ल्स हाई स्कूल के पास 7 मार्च को कोयला कारोबारी विपिन मिश्रा और उसके ड्राइवर पर फायरिंग की गई थी। इस गोलीकांड में भी रायपुर जेल में बंद अमन साव का नाम सामने आया था। इसी संबंध में पूछताछ के लिए रांची पुलिस सोमवार की देर शाम रायपुर सेंट्रल जेल में बंद अमन साव को अपने साथ झारखंड ले जा रही थी। जिस गाड़ी में अमन साव बैठा था, उस गाड़ी का एक्सीडेंट पलामू के पास हो गया। इसके बाद आरोपी पुलिस का हथियार छीनकर भागने लगा। पुलिस ने उसे रोकने की कोशिश की तो गैंगस्टर ने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की और मुठभेड़ में वो मारा गया। बताया जाता है कि अमन के विरूद्ध झारखंड सहित कई राज्यों में 60 से ज्यादा अपराधिक मामले दर्ज हंै। आरोपी पर जेल के अंदर से ही गैंग चलाने का आरोप भी लगा था। सूत्रों का कहना है कि जेल के अंदर से ही अमन साव ठेकेदारों, कारोबारियों से उगाही करता था और जो भी उसे पैसा नहीं देता था, वह उस पर फायरिंग करवा देता था। फिलहाल रांची पुलिस मामले में जांच कर रही है।

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