गिरजा ठाकुर
अंबिकापुर। मेडिकल कॉलेज अस्पताल में नौ दिन के नवजात को दूसरे ग्रुप का ब्लड चढ़ाने का मामला सामने आया है। इसमें प्रथम दृष्टि में लापरवाही ब्लड जांच रिपोर्ट देने वाले की सामने आ रही है। ब्लड चढ़ाने से बच्चे की स्थिति बिगडऩे का अंदेशा स्वजन जता रहे हैं। कहना है नवजात का शरीर काला पड़ गया है। इसे लेकर अस्पताल में मंगलवार की रात हंगामे की स्थिति भी बनी। स्वजनों का आरोप है कि नवजात बच्चों के उपचार में घोर लापरवाही की जा रही है।
जानकारी के मुताबिक अंजू तिर्की पति अभिषेक तिर्की बलरामपुर जिले के राजपुर थाना अंतर्गत ग्राम भेसकी की रहने वाली है। प्रसव पीड़ा होने पर स्वजन उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर के मातृ-शिशु अस्पताल में भर्ती कराए थे। यहां महिला 12 सितंबर की अलसुबह तीन बजे सामान्न्य प्रसव के बाद बच्चे को जन्म दी। जन्म के आधे घंटे बाद बच्चे को सांस लेने में तकलीफ महसूस होने पर नवजातों के लिए बने गहन शिशु इकाई में भर्ती कराया गया था। यहां उसे ऑक्सीजन लगाकर रखा गया था। 19 सितंबर को एसएनसीयू के स्टॉफ नर्स ने बच्चे के पिता अभिषेक तिर्की को बुलाकर बताया कि बच्चे को ब्लड चढ़ाना पड़ेगा। स्टॉफ नर्स द्वारा बच्चे का ब्लड सेंपल देकर गु्रप की जांच कराने और ब्लड की व्यवस्था करने के लिए कहा गया था। बच्चे के पिता ने ब्लड बैंक जाकर सेंपल जांच कराया। जांच के बाद बच्चे का ब्लड गु्रप ओ पॉजिटिव बताया गया। बच्चे के पिता ने काफी कोशिश के बाद ओ पॉजिटिव ब्लड की व्यवस्था की और चाही गई मात्रा के अनुसार 25 एमएल ब्लड एसएनसीयू में स्टाफ नर्स को ले जाकर दे दिया। स्टाफ नर्स ने बच्चे को ओ पॉजिटिव ब्लड चढ़ा दिया। बच्चे की स्थिति में सुधार होने के बजाए और बिगडऩे लगी, तो स्टॉफ नर्स ने और ब्लड की व्यवस्था करने के लिए कहा। जिंदगी और मौत से जूझ रहे नवजात की प्राणरक्षा के लिए स्वजन पूर्व में दिए गए ब्लड जांच के रिकॉर्ड को लेकर जब ब्लड बैंक पहुंचे, तो यहां बच्चे की मां व पिता के नाम से कोई रिकॉर्ड इंद्राज नहीं था। बच्चे को ओ पॉजिटिव ब्लड चढ़ाया गया, वह किसी और के नाम, पता पर दर्ज होने से संदेह की स्थिति बन गई। स्वजन पुन: बच्चे का ब्लड गु्रप निजी संस्थान में व ब्लड बैंक में कराए तो पता चला कि बच्चे का ब्लड गु्रप बी पॉजिटिव है, वहीं इसके पहले ओ पॉजिटिव खून उन्हें थमा दिया गया था, जिसे एसएनसीयू में बच्चे को चढ़ा दिया गया। बच्चे की हालत अभी स्थिर बताई जा रही है।


चिकित्सा अधीक्षक ने कहा-
राजमाता श्रीमती देवेंद्र कुमारी सिंहदेव शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के अधीक्षक डॉ.लखन सिंह ने कहा-मामले की जांच कराई जा रही है। इस तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने तीन सदस्यीय टीम जांच के लिए बनाई है और तीन दिन में रिपोर्ट सौंपने कहा है। उन्होंने दोषी पर कार्रवाई करने की बात भी कही है।

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