रायपुर। पिछले 48 घंटे के दौरान प्रदेश में लगातार वर्षा हो रही है। मंगलवार सुबह तक सरगुजा, दुर्ग संभाग और बस्तर संभाग के जिलों में भारी से अति भारी बारिश हुई है। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में 160 मिमी और मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले में 120 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। आगामी 4 से 5 दिनों तक प्रदेश में यही स्थिति रहेगी। मौसम विभाग ने मंगलवार को दो जिलों के लिए भारी बारिश का ओरेंज अलर्ट, तो वहीं प्रदेश के 15 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान भारी बारिश की संभावना है। कुछ जिलों में अति भारी बारिश हो सकती है। खासकर उत्तर यानी सरगुजा संभाग और मध्य छत्तीसगढ़ यानी बिलासपुर, दुर्ग और रायपुर संभाग के जिलों भारी बारिश की संभावना है।

रायपुर मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक मंगलवार को प्रदेश के सूरजपुर और बलरामपुर जिलों में बहुत भारी बारिश का ओरेंज अलर्ट जारी किया है, वहीं महासमुंद, बलौदाबाजार, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा -मरवाही, कबीरधाम, मुंगेली, सरगुजा और कोरिया जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने की घटना हो सकती है। हवा की रफ्तार 30 से 40 KMPH होने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक आगामी दिनों में बारिश की एक्टिविटी और तेज होने की संभावना है। बस्तर संभाग में भी अच्छी बारिश हो रही है। सबसे ज्यादा बारिश कांकेर में 86 मिमी और नारायणपुर जिले में 65 मिमी से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई।

मौसम विभाग के मुताबिक मध्य और दक्षिण क्षेत्र में बारिश की गतिविधियों में और तेजी आने की संभावना है। पिछले 48 घंटे के दौरान प्रदेश के सरगुजा और बिलासपुर संभाग में एक दो स्थानों पर भारी वर्षा दर्ज की गई है। इस दौरान सबसे अधिक तापमान 30.2 डिग्री सेल्सियस बिलासपुर में दर्ज किया गया। वहीं प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान 19.7 डिग्री राजनांदगांव में दर्ज किया गया। मंगलवार को रायपुर में अधिकतम तापमान तापमान 24 से 28 डिग्री के बीच रहने की संभावना है। इस दौरान आसमान पर काले बादल छाए रहने और रिमझिम बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। बारिश के साथ ठंडी हवा चलने से तापमान में भी गिरावट होगी।

इस सिनोप्टिक सिस्टम से हो रही बारिश
मौसम वैज्ञानियों के मुताबिक एक निम्न दाब का क्षेत्र उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे लगे पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश तट के पास स्थित है। इसके साथ ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण 7.6 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है, जो धीरे-धीरे पश्चिम उत्तर पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए उत्तर ओडिशा, गंगेटिक, पश्चिम बंगाल और झारखंड की ओर अगले दो दिनों तक आगे बढ़ने की संभावना है। मॉनसून द्रोणिका मध्य समुद्र तल पर फिरोजपुर, सोनीपत, अयोध्या, गया, पुरुलिया, उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी में स्थित निम्न दाब के केंद्र और उसके बाद दक्षिण पूर्व की ओर उत्तर पूर्व बंगाल की खाड़ी तक स्थित है। वहीं एक पूर्व पश्चिम द्रोणिका दक्षिण राजस्थान में स्थित चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण से उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी में स्थित निम्न दाब के केंद्र तक 3.1 किलोमीटर से 5.8 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है। एक चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण दक्षिण उत्तर प्रदेश के ऊपर 1.5 किलोमीटर ऊंचाई तक फैला हुआ है।

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