उप जिला निर्वाचन अधिकारी को कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने तथ्यात्मक जानकारी दी

वैध मतदाताओं का नाम कटवाने की साजिश रचने वालों के विरूद्ध हो दंडात्मक कार्रवाई

अंबिकापुर। मतदाता सूचियों के गहन पुनरीक्षण की जारी प्रक्रिया में फार्म-7 का उपयोग कर हजारों मतदाताओं के नाम कटवाने के संगठित प्रयास के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी का एक प्रतिनिधि मंडल जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक के नेतृत्व में मंगलवार को उप जिला निर्वाचन अधिकारी सुनील कुमार नायक से मुलाकात कर उन्हें ज्ञापन सौंपा। कांग्रेस के प्रतिनिधि मंडल ने मांग की है कि फार्म 7 का दुरुपयोग कर वैध मतदाताओं का नाम कटवाने वाले तत्वों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाए।
एसआईआर की प्रक्रिया के दूसरे चरण में दावा आपत्ति के दौरान अंतिम समय में भाजपा से जुड़े लोगों के द्वारा पूरे जिले में फार्म-7 का दुरुपयोग करते हुए हजारों लोगों के नाम कटवाने की आपत्ति दर्ज की गई। अकेले अंबिकापुर शहर में 1143 नाम कटवाने का आवेदन यह कहते हुए दिया गया ये मतदाता मौजूद नहीं है। आरोप है जान-बूझकर भाजपा कार्यकर्ताओं ने झूठी जानकारी का शपथ पत्र देते हुए वैध मतदाताओं का नाम कटवाने का प्रयास किया है। इस दौरान पीसीसी उपाध्यक्ष जेपी श्रीवास्तव, पीसीसी महामंत्री द्वितेंद्र मिश्रा, हेमंत सिन्हा, मो. इस्लाम, विनय शर्मा, इंद्रजीत सिंह धंजल, राशिद अहमद, शैलेंद्र सोनी, जमील खान, हसन खान, मेराज रंगरेज, गुरूप्रीत सिंह, जीवन यादव, चंद्रप्रकाश सिंह, रजनीश सिंह, नीतीश चौरसिया, निकी खान, सोहन जायसवाल, अख्तर चम्मा सहित बड़ी संख्या में प्रभावित मतदाता मौजूद थे।

नेता प्रतिपक्ष के भाई, पार्षद और उनके परिवार का नाम भी शामिल
फार्म-7 का उपयोग जिन लोगों का नाम कटवाने के लिए किया गया है, इनमें नगर निगम अंबिकापुर के नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद के भाई रफी अहमद, पार्षद कलीम अंसारी के पुत्र और भतीजा, पार्षद हसन खान और उनकी पत्नी, पूर्व पार्षद नुजहत फातिमा जैसे नाम शामिल हैं। आरोप है कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने फार्म-7 में गलत जानकारी देते हुए पूरे जिले के अल्पसंख्यकों को लक्ष्य करके संगठित रूप से नाम कटवाने का आवेदन दिया था। जिन लोगों के नामों को कटवाने का आवेदन दिया गया था, उनका नाम भौतिक सत्यापन उपरांत एसआईआर की ड्राफ्ट सूची में शामिल किया गया।

कानूनी कार्रवाई के लिए लेंगे विधिक अभिमत
उप जिला निर्वाचन अधिकारी से चर्चा में कांग्रेस जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने मांग की है कि संबंधित मतदान केंद्र के बीएलए की मौजूदगी में नाम कटवाने के लिए भाजपाइयों द्वारा प्रस्तुत आवेदनों का भौतिक सत्यापन कराया जाए। अगर भौतिक सत्यापन में पाया जाता है कि नाम काटने के लिए प्रस्तुत आवेदन गलत जानकारी पर आधारित हैं तो ऐसे आवेदन को देने वालों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 212 और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 31 के अंतर्गत कानूनी कार्रवाई की जाए। उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने आश्वासन दिया है कि बिना भौतिक सत्यापन के ड्राफ्ट सूची में मौजूद किसी भी मतदाता का नाम विलोपित नहीं किया जाएगा। गलत फार्म-7 प्रस्तुत कर नाम कटवाने वाले लोगों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई के लिए उन्होंने विधिक अभिमत प्राप्त कर आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया है।

न्यायालय में परिवाद की प्रक्रिया होगी प्रारंभ
कांग्रेस जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने पार्टी के सभी बूथ लेबल एजेंट सहित पार्टी के सभी कार्यकर्ताओं को इन फर्जी आवेदनों के विरोध में थानों में अपराध दर्ज कराने का निर्देश दिया है। जिले भर में इसकी प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। हालांकि इस मामले में पुलिस असंज्ञेय अपराध का मामला पंजीबद्ध कर रही है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने कहा है कि पुलिस के द्वारा काटे गए सान्हा के आधार पर फर्जी फार्म 7 प्रस्तुत करने वाले भाजपाइयों के विरुद्ध जल्द ही न्यायालय में परिवाद की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी ताकि भविष्य में गलत तथ्यों के आधार पर वैध मतदाताओं का नाम कटवाने वालों पर लगाम लगे।

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