अंबिकापुर। बंगाल की खाड़ी में विक्षोभ सक्रिय है। इसका असर उत्तर व दक्षिण छत्तीसगढ़ में देखा जा रहा है। विशेष असर दक्षिण छत्तीसगढ़ के जिलों में है। विक्षोभ के असर के कारण सरगुजा संभाग में भी पिछले दो दिनों से भारी बारिश हो रही है। गुरुवार के बाद शुक्रवार को पूरी रात मूसलाधार बारिश होती रही। दो दिनों के भारी बारिश ने अंबिकापुर नगर निगम के ड्रेनेज सिस्टम का पोल खोल दिया है। निचली बस्तियों में बारिश का पानी घरों में घुस गया है। शहर के बौरीपारा, रूनझून तालाब बस्ती में बारिश का पानी घर में घुसने का वीडियो एक व्यक्ति ने सोशल मीडिया पर वायरल किया है, उसने नगर निगम की सरकार को फेल बताया है, और जारी किए गए वीडियो में कहा है कि कोई भी जनप्रतिनिधि इलाके के लोगों की सुध लेने के लिए नहीं पहुंच रहे हैं।


बता दें कि सरगुजा संभाग में लगातार दो दिनों से हो रही भारी बारिश के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। नदी-नाले उफान पर हैं। रामानुजगंज स्थित कन्हर नदी पर पुलिया के ऊपर से पानी बह रहा है। वहीं रामानुजगंज में ही भारी बारिश के कारण कच्चे मकान का दीवार गिरने से बच्ची की मलबे में दबने से मौत हो गई, 4 अन्य लोग घायल हुए हैं। सूरजपुर जिले के कई गांव टापू बन गए हंै। नदियों में बाढ़ आने के कारण जिला मुख्यालय सूरजपुर का संपर्क टूट गया है। इसके अलावा सरगुजा जिले के मैनपाट, उदयपुर सहित अन्य क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण सड़क, पुलिया टूटने से आवागमन प्रभावित हुआ है। नदी-नालों में बाढ़ आने के कारण धान की फसल भी बर्बादी के कगार पर पहुंच गई हैं। इससे किसानों को काफी नुकसान का सामना करना पड़ा है। इसके अलावा कोरिया व मनेन्द्रगढ़ जिले में भी बारिश ने तबाही मचाया है। अमृतधारा सहित कई नदी-नाले उफान पर हैं।
मौसम विभाग ने शुक्रवार से ही भारी बारिश का एलर्ट जारी किया था। मौसम वैज्ञानिक एएम भट्ट के अनुसार 26 जुलाई को सुबह 8.30 बजे उत्तरी छत्तीसगढ़ और उससे सटे झारखंड के ऊपर अक्षांश 23.3 उत्तर और देशांतर 84.0 पूर्व के पास, डालटेनगंज से लगभग 80 किमी दक्षिण, अंबिकापुर से 80 किमी पूर्व, पेंड्रा रोड से 220 किमी पूर्व-उत्तर पूर्व और उमरिया (मध्य प्रदेश) से 320 किमी पूर्व में केंद्रित रहा। इसके उत्तरी छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश से होते हुए लगभग पश्चिम की ओर बढ़ते रहने और 27 जुलाई तक धीरे-धीरे कमजोर होकर एक सुस्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र में परिवर्तित होने की प्रबल संभावना है।
कच्चा मकान धराशाई हुआ, पड़ोस में रहने वाले परिवार के बच्ची की मौत
पिछले दो दिनों से हो रही भारी बारिश के कारण रामानुजगंज जिले के वार्ड क्रमांक 13 निवासी प्रमोद रवि के घर के बगल का कच्चा मकान शनिवार की सुबह गिर गया। मकान की दीवार, प्रमोद रवि के घर की दीवार पर गिरी और मलबे में प्रमोद रवि के साथ सुनीता देवी (34), दंपती के बच्चे राधा (10), खुशबू (8) और काजल (9) दब गए। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने तत्काल मलबे को हटाना शुरू किया, और पांचों को बाहर निकाला, लेकिन बच्ची खुशबू की मौत हो गई थी। उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
बाक्स में
जून से 31 जुलाई तक वर्षा का रिकॉर्ड
1994 1528.7 मिमी
2001 1352.6 मिमी
1971 1052.1 मिमी
1980 1003.6 मिमी
1990 969.7 मिमी
2017 896.1 मिमी
2025 26 जुलाई तक
889.7 मिमी
1989 855.9 मिमी
1986 849.2 मिमी

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