मोटर खराब होने के कारण तीन दिन से पानी की समस्या से जूझते रहे मरीज, इनके स्वजन और स्टॉफ

 

girija thakur

अंबिकापुर। शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय संबद्ध जिला अस्पताल में पिछले तीन दिनों से किडनी के मरीजों का डायलिसिस नहीं हो रहा है। मरीजों को बिना डायलिसिस कराए ही वापस होना पड़ रहा है। जबकि मरीजों का एक दिन भी डायलिसिस बंद होने से स्थिति गंभीर हो जाती है। इधर पानी की समस्या का सामना महिला मेडिकल वार्ड के मरीज व उनके स्वजन के साथ-ही यहां सेवा देने वाले स्टाफ नर्सों को भी करना पड़ रहा है।

मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पानी की समस्या काफी दिनों से बनी हुई है। गर्मी के मौसम में यह समस्या और विकराल रूप ले लेती है। पिछले तीन दिनों से मोटर में खराबी आ जाने के कारण महिला मेडिकल वार्ड व डायलिसस कक्ष में पानी की समस्या उत्पन्न हो गई है। ऐसे मेें किडनी के मरीजों का डायलिसिस नहीं हो पाया, जबकि हर दिन 15 से ज्यादा किडनी के मरीज डायलिसिस कराने पहुंचते हैं। इनका डायलिसिस अनिवार्य है। वहीं पानी की समस्या के कारण मेडिकल वार्ड महिला के मरीज व स्वजन, स्टाफ नर्स भी परेशानी झेल रहे हैं। पीने के लिए तो पानी की किसी तरह ये व्यवस्था कर ले रहे हैं पर शौचालय के लिए पानी की व्यवस्था करने में पसीने छूट रहे हैं। पहले भी आए दिन अस्पताल के इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में पानी की समस्या सामने आई है। पानी के अभाव में सेनिटाइजर से हाथ धोना मजबूरी है।

निजी अस्पताल में डायलिसिस कराने मजबूर
पानी की समस्या आ जाने से डायलिसिस की समस्या भी आड़े आ रही है। एक दिन में तीन शिफ्ट में होने वाला डायलिसिस बंद है। मरीज को सप्ताह में कम से कम दो-तीन दिन डायलिसिस कराना अनिवार्य होता है। अस्पताल में पानी की समस्या के कारण डायलिसिस बंद होने की जानकारी पीड़ितों को खल रही है और वे निजी अस्पताल का चक्कर काटने के लिए विवश हैं।

मोटर में खराबी आने के कारण पानी की समस्या हुई थी। टैंकर से पानी की वैकल्पिक व्यवस्था कराई गई है। नए मोटर लगाए गए हैं। आज से पानी की समस्या आड़े नहीं आएगी। पानी की समस्या के कारण डायलिसिस प्रभावित हुआ था, जो शुरू हो चुका है।
डॉ. आरसी आर्या, अस्पताल अधीक्षक, मेडिकल कॉलेज अस्पताल

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