भारतीय कार बाजार में मित्सुबिशी (Mitsubishi) के रूप में एक नई कार निर्माता कंपनी एंट्री करने जा रही है। निक्केई एशिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, जापानी ट्रेडिंग दिग्गज मित्सुबिशी कॉर्पोरेशन (Japanese trading giant Mitsubishi Corporation) इस गर्मी में टीवीएस मोबिलिटी में 30 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी हासिल करके भारतीय कार बिजनेस में उतरने के लिए तैयार है, जो देश भर में अपने डीलरशिप संचालित करती है। टीवीएस मोबिलिटी के लगभग 150 आउटलेट्स के मौजूदा नेटवर्क का लाभ उठाते हुए मित्सुबिशी भारत में अपना शोरूम भी खोलेगी। आइए कंपनी की प्लानिंग के बारे में जरा विस्तार से जानते हैं।

मित्सुबिशी कंपनी का निवेश

मित्सुबिशी (Mitsubishi) का निवेश 5 से 10 बिलियन येन ($33 मिलियन से $66 मिलियन) तक होने का अनुमान है। निवेश पूरा होने पर मित्सुबिशी डीलरशिप पर अपने कर्मियों को तैनात करेगी। इस पार्टनरशिप के तहत भारत में टीवीएस मोबिलिटी अपने बिक्री डिपार्टमेंट को अलग कर देगी, जिसमें मित्सुबिशी यूनिट 30 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी हासिल करेगी। टीवीएस मोबिलिटी के लगभग 150 आउटलेट्स के मौजूदा नेटवर्क का लाभ उठाते हुए कंपनी अपने स्टोर भी स्थापित करेगी। इस पार्टनरशिप के तहत यह नई कंपनी भारत की सबसे बड़ी स्वतंत्र कार डीलरशिप में से एक बन सकती है।

इलेक्ट्रिक कारों को बढ़ावा देगी कंपनी

कंपनी की डीलरशिप का प्राथमिक फोकस होंडा कारों की बिक्री का विस्तार करना होगा। मित्सुबिशी जापानी कार ब्रांडों और मॉडलों के साथ लाइनअप में विविधता लाने के लिए जापानी वाहन निर्माताओं के साथ बातचीत का नेतृत्व करेगी। खास रूप से डीलरशिप में इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) होंगे, जो देश में ईवी अपनाने को बढ़ावा देने की भारत की योजनाओं के अनुरूप है।

मित्सुबिशी का लक्ष्य

नई कारों की बिक्री में भारत चीन और अमेरिका के बाद विश्व स्तर पर तीसरे स्थान पर है। इसके बावजूद सुजुकी मोटर को छोड़कर जापानी वाहन निर्माताओं ने मार्केट में सीमित उपस्थिति बनाए रखी है। अपने नए व्यापार के माध्यम से मित्सुबिशी का लक्ष्य स्थानीय ब्रांडों के साथ जापानी कारों की पेशकश करके इस अंतर को खत्म करना है।

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