बिश्रामपुर। अम्बिकापुर से रायपुर के बीच इंटरसिटी ट्रेन संचालन की लंबे समय से उठती मांग पर आखिरकार दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर ने अपना आधिकारिक जवाब दे दिया है। यह जवाब सामाजिक कार्यकर्ता अभय प्रकाश सिन्हा को उनके 11 अप्रैल के ज्ञापन के जवाब में भेजा गया है, जिसमें उन्होंने अम्बिकापुर-बिलासपुर-रायपुर के बीच सीधे ट्रेन संचालन की मांग की थी। रेलवे द्वारा 23 जून को जारी पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि वर्तमान स्थितियों को देखते हुए नई इंटरसिटी ट्रेन चलाना संभव नहीं है। रेलवे द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार अम्बिकापुर-बिलासपुर और रायपुर के बीच तीन मार्गों पर पहले से ही 99 ट्रेनें परिचालित होने की बात कही गई है। पत्र में उल्लेखित है कि बिलासपुर-अनूपपुर-बिलासपुर / उसलापुर के बीच 58 ट्रेनें, रायपुर-अनूपपुर-रायपुर के बीच 30 ट्रेनें, अनूपपुर-अम्बिकापुर-अनूपपुर के बीच 11 ट्रेन के अलावा गाड़ी संख्या 18241/18242 दुर्ग-अम्बिकापुर व अंबिकापुर-दुर्ग एक्सप्रेस रायपुर व अम्बिकापुर के बीच सीधी सेवा भी प्रदान कर रही है। रेलवे प्रशासन ने सामाजिक कार्यकर्ता अभय प्रकाश सिन्हा के इस मांग को अस्वीकार करते हुए तीन प्रमुख कारण बताए हैं कि बिलासपुर से रायपुर के कुछ रेल खंडों पर पहले ही ट्रेनों की आवाजाही अत्यधिक है, जिससे नए ट्रेन संचालन की गुंजाइश सीमित है। अम्बिकापुर और रायपुर स्टेशनों पर अभी प्राथमिक मेंटेनेंस यार्ड की समुचित सुविधा नहीं है, जिससे इंटरसिटी ट्रेनों की नियमित देखरेख चुनौतीपूर्ण होगी। ट्रेनों को खड़ा करने के लिए स्टेबलिंग लाइन की भी आवश्यकता होती है, जो अभी इन स्टेशनों पर पर्याप्त नहीं है। सामाजिक कार्यकर्ता अभय प्रकाश सिन्हा ने पत्र पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि रेलवे ने एक बार फिर जनता की आवाज को टालने की कोशिश की है। लेकिन हम यह मांग तब तक उठाते रहेंगे जब तक अम्बिकापुर और रायपुर के बीच आम नागरिकों को सीधी और तेज सेवा नहीं मिलती। यह क्षेत्र विकास से नहीं, कनेक्टिविटी से वंचित है। ज्ञात हो कि अम्बिकापुर, सूरजपुर, बलरामपुर, कोरिया जैसे दूरस्थ जिलों के लोग वर्षों से रायपुर के लिए सीधी और सुबह-शाम चलने वाली इंटरसिटी ट्रेन की मांग करते आ रहे हैं। वर्तमान में चलने वाली ट्रेनों की टाइमिंग और रूट लंबे हैं, जिससे यात्रियों को घंटों का अतिरिक्त सफर करना पड़ता है।

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