रामानुजनगर। सार्वजनिक वितरण प्रणाली उचित मूल्य की दुकान नारायणपुर के संचालक समूह के अध्यक्ष, सचिव ,विक्रेता व सहायक विक्रेता पर हितग्राहियों को मिलने वाले सरकारी राशन गमन के मामले में एसडीएम के रिपोर्ट पर थाने में एफआईआर दर्ज किया गया है और पुलिस द्वारा आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए खोजबीन शुरू कर दी गई है।

जानकारी के अनुसार जनपद पंचायत रामानुजनगर अंतर्गत ग्राम पंचायत नारायणपुर में चांदनी महिला स्व सहायता समूह द्वारा सरकारी राशन दुकान का संचालन किया जा रहा था।जिसका आई डी क्रमांक 392011020 है। उक्त राशन दुकान संचालकों द्वारा 88 राशनकार्ड धारकों का फिंगर ई पास मशीन में स्कैन कराकर भौतिक रूप से खाद्यान्न वितरण नहीं किया गया था।जिसकी शिकायत हितग्राहियों ने एसडीएम अजय मोडियम तथा खाद्य निरीक्षक नीलम ग्रेस मिंज से की थी। एसडीएम व फूड इंस्पेक्टर द्वारा गड़बड़ी की गहनता से जांच की गई। जांच में विक्रेता समूह के पदाधिकारियों व विक्रेताओं द्वारा राशन अफरातफरी कर गमन किया जाना सही पाया गया।कार्डधारकों को दो माह का राशन वितरित नहीं किया गया ,अधिकारियों की जांच के दौरान उचित मूल्य दुकान के गोदाम में भंडारित सामग्रियों में मात्रात्मक भौतिक सत्यापन व विभाग के वेवसाईट पर दर्शित आनलाइन स्टाक की उपलब्ध जानकारी मिलान अनुसार भौतिक सत्यापन में भी कमी पाई गई है। जांच में 253.98 क्विंटल चावल,2.90 क्विंटल शक्कर,8.48 क्विंटल चना एवं 8.98 क्विंटल नमक कम पाया गया।जिसका बाजार मूल्य 10 लाख 53 हजार 2 सौ 36 रूपए है। एसडीएम ने गंभीर अनियमितता पाए जाने पर चांदनी महिला स्व सहायता समूह का पंजीयन निरस्त करते हुए समूह के अध्यक्ष श्रीमती आसमां पति जेशिक मोहम्मद, सचिव रैमून निशा पति शमीम मोहम्मद , विक्रेता शकील मोहम्मद व सहायक विक्रेता अजहर अली के खिलाफ थाने में एफआईआर कराया है। पुलिस द्वारा मामले में धारा 420,409,‌34 भा. द .सं.और आवश्यक वस्तु अधिनियम 1995 की धारा 3,4 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दिया गया है।

नमक तक नहीं छोड़ा – सरकारी खजाने में डाका डाल कर जल्दी करोड़पति बनने की होड़ मची हुई है। सरकारी माल हड़पने आलम यह है कि इन राशन विक्रेताओं ने जनता को मुफ्त मिलने वाला नमक तक बेंच डाला। नारायणपुर गांव 2023 विधानसभा चुनाव से पूर्व भी एक बार काफी सुर्खियों में आया था जब नारायणपुर से ही फर्जी राशन कार्ड बनाने का रैकेट चलाया जा रहा था। प्रशासन को एक बार राशन कार्डों का भी जांच करना चाहिए।

 

Categorized in: