सरगुजा। छत्तीसगढ़ के वनांचल क्षेत्र सरगुजा जिले में इस समय कड़ाके की सर्दी पड़ रही है। पहाड़ी और जंगलों से घिरे इलाकों में तापमान लगातार नीचे लुढ़क रहा है, जिसके चलते आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। क्षेत्र में शीत लहर चलने के कारण इसका लोगों के स्वास्थ्य में भी विपरीत प्रभाव पड़ है। स्वास्थ्य विभाग के द्वारा भी बच्चे, बुजुर्ग को ठंड से बचाव करने के लिए निर्देशित किया गया है।

ठंड से बचने के लिए अलाव बना सहारा
क्षेत्र में पड़ रही ठंड से बचने के लिए लोग अलाव का सहारा ले रहे हैं। वहीं खुले में काम करने वाले मजदूरों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बताया जा रहा की ग्रामीण क्षेत्रों में स्कूल जाने वाले बच्चों पर भी इसका प्रभाव दिख रहा है, जिससे स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति लगातार कम दर्ज की जा रही है। मौसम विभाग की माने तो आसमान साफ होने और देश के उत्तर क्षेत्र से बर्फिली हवा चलने के कारण क्षेत्र में शीत लहर का प्रकोप जारी है, जो आने वाले दिनों ओर बढ़ सकता है। वही पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी हुई तो पुरे उत्तर भारत में जबरदस्त ठंड पड़ेगा।

प्रमुख चौराहों में अलाव की व्यवस्था
अम्बिकापुर शहर में बढ़ते ठंड को देखते हुए नगर निगम प्रशासन के द्वारा शहर के प्रमुख चौराहों में अलाव जलवाए जा रहें, ताकि आम शहरवासी और राहगीरों के साथ ट्रक चलकों को रात में राहत मिलती रहें। निगम के द्वारा चौराहों में इतनी लकड़ी की व्यवस्था की जाती है कि आग रातभर जलती रहती है। निगम के इस कार्य को लेकर आम लोगों काफी तारीफ भी कर रहे हैं।

मैनपाट में जमने लगी बर्फ
छत्तीसगढ़ के शिमला के नाम जाना जाने वाला मैनपाट में यूं तो आम दिनों में भी ठंड का वातावरण बना रहता है। लेकिन वर्तमान में यहां का पारा लुढ़क कर 2-3 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है। जिसके कारण पुरा मैनपाट और इससे लगे क्षेत्रों में वर्तमान में कड़ाके की ठंडी पह रहीं। स्थिति यह है कि सुबह के समय यहां आप को यहां बर्फ की पतली चादर जमी हुई आसानी से देख सकते हैं। वही मैनपाट में मौसम के बदले मिजाज के तहत यहां पर्यटकों की आवा-जाही बढ़ते जा रही है।

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