बिश्रामपुर। शासन द्वारा मुख्य मार्ग पर होने वाले सड़क दुर्घटनाओं में घायलों को राहत दिलाए जाने करीब पांच वर्ष पूर्व हाइवे पेट्रोलिंग वाहन की सुविधा शुरू की थी, लेकिन अब उक्त हाइवे पेट्रोलिंग वाहन के कर्मचारियों द्वारा अपने मूल कार्य को छोड़कर केवल अवैध वसूली का कार्य शुरू कर दी गई है। गौरतलब है कि सड़क दुर्घटनाओं में घायल होने वाले लोगों को तत्कालिक सहायता प्रदान करने हेतु शासन द्वारा जिले में तत्कालीन पुलिस अधीक्षक राजेश कुकरेजा के उपस्थिति में अगस्त 2020 में हाईवे पेट्रोलिंग वाहन की शुरुआत की गई थी। जिसे पुलिस को सौप इसके संचालन की जिम्मेदारी दी गई थी।शुरुआत में इस वाहन ने कई सड़क दुर्घटनाओं की सूचना पर समय पर पहुंचकर मरीजों को अस्पताल पहुंचा जीवन दान भी दिया, लेकिन पिछले करीब एक वर्ष से व्यवस्थित मॉनिटरिंग के अभाव में यह सुविधा बद से बदतर स्थिति में पहुंच गई है। वर्तमान में इस वाहन का उपयोग हाइवे पर एंट्री वसूली के लिए हो रहा है। बताया जा रहा है कि अगर इस वाहन में अंकित नंबर पर वर्तमान समय में सड़क दुर्घटना की सूचना दी जाती है तो कोई कॉल ही रिसीव नहीं करता है और यदि गलती से रिसीव कर लेता है तो उसे स्थानीय थाना और एम्बुलेंस को सूचना देने की सलाह दी जाती है। पूरा समय इस वाहन से हाइवे पर अवैध रूप से वाहनों की चेकिंग करके एंट्री वसूली के लिए की जा रही है। बताया यह भी जा रहा है कि उक्त वाहन में नियमानुसार एक एएसआई, दो हवलदार, दो आरक्षक व दो एमटी चालक की पदस्थापना होनी चाहिए, लेकिन वर्तमान में प्रधान आरक्षक को ही प्रभारी बनाकर कार्य संपन्न कराया जा रहा है। वहीं एमटी चालक की जगह एसपीओ और आरक्षक से वाहन चलवाया जा रहा है। इस वाहन को सूरजपुर टोल प्लाजा से कालीघाट तक हाइवे में होने वाले सड़क दुर्घटनाओं की निगरानी सहित समय पर आहतों को अस्पताल पहुंचाने की जिम्मदारी दी गई है।पिछले करीब आठ माह से भी अधिक समय से उक्त वाहन को प्रधान आरक्षक के हवाले कर दिया गया है और प्रधान आरक्षक द्वारा मनमानी पूर्वक वाहन का संचालन किया जा रहा है। हाइवे वाहन से राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 43 पर एंट्री के नाम पर वसूली आखिर किसके सह पर किया जा रहा है, यह जांच का विषय है। ज्ञात हो कि हाइवे पेट्रोलिंग वाहन के संचालन के लिए पीएचक्यू से विधिवत नियमावली भी बनी हुई है, जिसमें इस वाहन का उपयोग दूसरे किसी दूसरे कार्य के लिए किए जाने की सख्त मनाही है, बावजूद इसके मनमानी तरीके से हाइवे पेट्रोलिंग वाहन का संचालन समझ से परे है।

कराई जाएगी जांच

हाइवे पेट्रोलिंग वाहन का मूल काम सड़क दुर्घटना वाले स्थान को कवर करने की है। अगर अवैध एंट्री वसुली की जा रही तो गलत है। मामले की जांच कराकर दोषियों पर कार्यवाही की जाएगी। स्वीकृत बल की जगह प्रधान आरक्षक को प्रभारी बनाकर वाहन संचालन कराया जा सकता है।

एमआर आहिरे,

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, सुरजपुर

Categorized in: