आईजी ने बनाई विशेष जांच टीम, सीएसपी ने लिया पत्नी का बयान

अंबिकापुर। शहर के मिशन चौक स्थित टुनटुन दाबेली सेंटर के संचालक अमन ओझा की झारखंड में संदिग्ध मौत के मामले में सरगुजा आईजी दीपक कुमार झा ने विशेष जांच टीम बनाई है। यह टीम मौत के कारणों की जांच करेगी। सीएसपी अंबिकापुर ने अमन ओझा की पत्नी का बयान दर्ज किया है, जिसमें वह भी पति के हत्या की आशंका जताई है।

अमन ओझा ने 5 साल पहले युवती से प्रेम विवाह किया था। उसका कहना है कि, अमन ओझा के नशे की आदत एवं आए दिन मारपीट से परेशान होकर वह बेटी के साथ अलग रह रही थी। अमन ने उसे बदनाम करने के लिए धर्म विशेष के लड़के के साथ भाग जाने का आरोप लगाते हुए इंटरनेट मीडिया में वीडियो शेयर किया था। अमन ओझा का शव 10 मई को झारखंड के रंका थाना क्षेत्र में सड़क किनारे संदिग्ध हालत में मिला था। पार्षद आलोक दुबे एवं ब्राम्हण समाज ने सरगुजा आईजी दीपक कुमार झा से मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की थी। आईजी ने अंबिकापुर सीएसपी राहुल बंसल के नेतृत्व में जांच टीम बनाई है। टीम में कोतवाली अंबिकापुर एवं रामानुजगंज के थानेदार शामिल हैं।

पांच साल पहले किया था प्रेम विवाह

अमन की पत्नी ने बताया है कि, दोनों ने करीब 5 साल पहले कोर्ट मैरिज किया था। अमन ओझा नशे का आदी था, उसे नशा मुक्ति केंद्र में भी दाखिल कराना पड़ा था। वह मारपीट करता था और उसे जान से मारने की धमकी भी दिया था। इस कारण वह घर छोड़कर बेटी के साथ एक किराए के मकान में रह रही थी। पत्नी ने अमन पर कई लड़कियों से बात करने का आरोप लगाया है और बताया है कि, इसका प्रमाण कई फोटोग्राफ्स है, जो उसके पास हैं। वह शराब के अलावा दूसरे नशा का भी आदि हो चुका था, जिससे उसकी मानसिक स्थिति खराब रहने लगी थी, तब उसका इलाज रांची में भी हुआ था। अमन की हरकतों से परेशान होकर वह अलग किराए के मकान में अपनी बेटी के साथ रहने लगी, कसी दूसरे व्यक्ति के साथ उसका कोई संबंध नहीं था। वह उसे जान-बूझकर बदनाम करना चाह रहा था। मृतक की पत्नी ने यह भी कहा है कि, अमन ओझा की मौत किसी हादसे में नहीं हुई है, क्योंकि उसकी लाश सड़क से काफी दूर मिली है, उसने हत्या करके लाश फेंकने की आशंका जाहिर की है।

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