वन विभाग के रेस्ट हाउस के पास अवैध शराब बनाने का हाईटेेक कारखाना
महुआ का लहान, 500 लीटर शराब, 800 लीटर गुड़ का पास, 200 किलो महुआ जब्त
चोरों के तलाश में निकले ग्रामीणों ने झोपड़ी के अंदर का नजारा देख पुलिस को सूचना दी
चार लोगों को हिरासत में लेकर पुलिस कर रही पूछताछ

अंबिकापुर। शहर के गांधीनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत सकालो में वन विभाग के विश्रामगृह के पास अवैध शराब का कारखाना संचालित होने का पर्दाफास हुआ है। चोरी गए सामानों की तलाश में लगे ग्रामीण वन विभाग के विश्रामगृह की ओर पहुंचे थे, यहां एक झोपड़ी में शराब बनाने का हाईटक संसाधन देखकर वे दंग रह गए। यहां केमिकल युक्त शराब का निर्माण कर लोगों के सेहत से खिलवाड़ किया जा रहा था। ग्रामीण झोपड़ी के अंदर पहुंचे, तो यहां कुछ लोग मौजूद थे और अंदर का नजारा हैरान करने वाला था। झोपड़ी के अंदर बड़े पैमाने पर महुआ शराब बनाया जा रहा था। ग्रामीणों से मिली सूचना पर मौके पर पहुंची। पुलिस को यहां बड़े-बड़े सिंटेक्स, टंकी में महुआ का लहान, 500 लीटर शराब, 800 लीटर गुड़ का पास के अलावा 200 किलो महुआ मिला। पुलिस ने यहां से काफी सामान व मोटरसाइकिल भी जब्त किया है। पुलिस गांव से चोरी गए सामानों की भी जांच कर रही है। पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में लिया है, इनसे पूछताछ चल रही है।


गांधीनगर थाना क्षेत्र के ग्राम सकालो में लगातार हो रही चोरी से परेशान ग्रामीण मंगलवार को चोरों का सुराग लगाने के लिए निकले। इस दौरान कुछ संदेहियों का नाम सामने आया, इन्हें तलाश करते वे गांव में बने वन विभाग के रेस्ट हाउस के पास पहुंच गए। यहां पास ही एक झोपड़ी में महुआ शराब बनाने का कारखाना मिला। बड़े-बड़े ड्रमों, सिन्टेक्स, बर्तनों में भरकर रखे शराब, गुड़ व महुआ का ले लिया। शराब बनाने का हाईटक सेटअप देखकर वे दंग थे। कमरे में ही टुल्लू पंप, ब्लोअर व विभिन्न आकार के पानी टंकी, मोटरसाइकिल सहित अन्य सामान था। ग्रामीण यहां उपस्थित रेस्ट हाउस के कर्मचारी व अन्य से पूछताछ शुरू किए तो वे गोलमोल जवाब देने लगे। गांव की महिला सरपंच के पति पूरन सिंह टेकाम ने पुलिस को फोन करके इसकी जानकारी दी।

बिना मिलीभगत के ऐसा कारोबार संभव नहीं
वन विभाग के रेस्ट हाउस के पास संचालित हो रहे अवैध शराब के कारखाने को लेकर ग्रामीणों का कहना है, बिना मिलीभगत के ऐसा कारोबार संभव ही नहीं है। विभागीय रेस्ट हाउस होने के कारण यहां अधिकारियों का आना-जाना भी होता होगा। इसके बाद भी झोपड़ी में गांव से चोरी हो रहे सामानों का मिलना और अवैध कारोबार का संचालन कई प्रकार के संदेह को जन्म दे रहा है। ग्रामीणों को कहना है कि बड़े पैमाने पर चल रहे इस कारोबार की जानकारी पुलिस को न होना भी गले नही ंउतर रहा है। वहीं वन विभाग के अधिकारी कुछ बोलने से बच रहे हैं।

शराब बनाने का हाईटक तरीका
वन विभाग के रेस्ट हाउस के पास झोपड़ी में अत्याधुनिक तरीके से महुआ शराब बनाया जा रहा था। इस झोपड़ी के अंदर मिले सिंटेक्स, ड्रम, पाइप, बाल्टी सहित महुआ शराब बनाने में उपयोगी सामान पुलिस के हाथ लगे हंै। सकालो गांव की महिला सरपंच पति पूरन सिंह टेकाम ने बताया चोर की तलाश करते जब वे शराब बनाने के अत्याधुनिक कारखाना में पहुंचे तो यहां का नजारा चौंकाने वाला था। गांव से चोरी हुए सामान भी यहां हों तो बड़ी बात नहीं है।
बयान
घटनास्थल से पुलिस ने अवैध शराब, लहान बरामद किया है। यह गिरोह अवैध शराब बनाता था। गांव में हो रही चोरियों के पीछे भी इस गिरोह का ही हाथ हो सकता है।
पुपलेश कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरगुजा

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