महिला उत्पीड़न रोकने में किया कारगर काम

नवा बिहान कार्यक्रम में किया उल्लेखनीय कार्य

रोमी सिद्दीकी

अम्बिकापुर/ हाल में ही अम्बिकापुर के एसपी श्रीमती भावना गुप्ता जी का स्थानांतरण हो गया है उनके स्थान पर नये एसपी सुशील शर्मा का आगमन शहर में बतौर नये कप्तान के रूप में तैनाती हो गया है बहरहाल पुराने एसपी मैडम सर के पिछले कार्यो की बात करते हैं बतौर एक महिला एसपी के रूप में उन्होंने जो कार्य करते हुए अपने दायित्वों का जिस प्रकार से निर्वहन किया है वह अपने आप में एक मिशाल हैं एक महिला अधिकारी होकर भी उन्होंने अपने कार्यो को फिल्ड में उतर कर काफी बेहतरीन से अंजाम दिया है इसे नकारा नहीं जा सकता है.. हलाकि पूरुष प्रधान समाज में एक काबिल महिला को आज भी वह सम्मान घर, समाज व कार्यालय में उतना नहीं दिया जाता है जितना वह उसके हक में होता है लेकिन एसपी श्रीमती भावना गुप्ता ने एक महिला होते हुए भी अपने ड्यूटी के दौरान हमेशा ही अपनी वर्दी को जो सम्मान दिया है वैसे कम ही महिला अधिकारी देखने को मिलता है कहने का मतलब यह है कि अंबिकापुर में बतौर पुलिस अधीक्षक रहते हुए श्रीमती भावना गुप्ता हमेशा ही पुलिस वर्दी में दिखाई दिए…! बतौर पुलिस अधीक्षक श्रीमती भावना गुप्ता के द्वारा शहरवासियों से जिस प्रकार से संवाद स्थापित किया गया वह काबिले तारीफ है उन्होंने अपने कार्य के दौरान हमेशा ही आम जनों से खास तौर पर महिला वर्ग से जुड़ने के लिए हर प्रयास किया शहर के अधिकांश महिलाएं श्रीमती भावना गुप्ता से मोबाइल के माध्यम से वार्तालाप करते थे ऐसी जानकारी समय-समय पर मिलता रहा.सबसे मुस्कुरा कर बात करना व महिलाओं को तत्काल न्याय देने के लिए एसपी मैडम के द्वारा त्वरित कार्रवाई किया जाता था.वही पुलिस की कार्यप्रणाली को देखे तो अंबिकापुर में अब तक साइबर क्राइम के मामले में जिस प्रकार से कार्यवाही किया गया व अपराधियों की धरपकड़ की गई वह अपने आप में एक रिकॉर्ड है उसका सारा श्रेय पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता को जाता है हत्या, हत्या के प्रयास, ठगी, मारपीट, व भू माफियाओं पर भी नकेल कसने में एसपी श्रीमती भावना गुप्ता के कार्यो का एक लम्बी फहरिस्त है इसके साथ ही पुलिस कर्मियों में कार्य करने की जो उत्साह देखा गया वह भी पहले कम ही देखा गया है पुलिस कर्मियों में एसपी का डर कहे या अनुशासन वे कोई भी कार्य के लिए तैयार रहना बेहतरीन पुलिस कार्यप्रणाली का परिणाम था…*

*मिडिया से बेहतर तालमेल……….*
*अम्बिकापुर में बतौर पुलिस अधीक्षक श्रीमती भावना गुप्ता के द्वारा यह पहली बार पुलिस व मिडिया कर्मीयो के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने का जो प्रयोग किया गया वह काबिल तारीफ है कोई भी खबर के लिए अक्सर अधिकारियों का बयान अत्यंत अवश्य होता है ऐसे में पुलिस अधिकारियों के द्वारा कुछ घटनाओं में बयान देने से बचते हैं लेकिन पहली बार अम्बिकापुर पुलिस अपना पक्ष देने के लिए हर समय उपलब्ध रहती थी इसका भी श्रेय पुलिस अधीक्षक श्रीमती भावना गुप्ता को जाता है….*
*नशा के विरुद्ध बडे़ स्तर पर कार्रवाई*
पूर्व एसपी श्रीमती भावना गुप्ता के द्वारा अम्बिकापुर में अपने एक साल के सेवा के दौरान नवा बिहान कार्यक्रम के तहत नशा के सौदागरों के विरुद्ध जो कार्यवाही किया गया वह भी काफी सराहनीय है 1 साल की अपने सेवा के दौरान जिस प्रकार से नशा के विरुद्ध बडे़ पैमाने में कार्रवाई करते हुए जो कार्य किया है उससे आज शहर में नशा के व्यापारियों में एक खौफ बन गया है वही अधिकांश जेल में है जो पकड़ से बाहर है वे नशा का धंधा छोड़ चूके है…..

*नहीं है डाटा…..*
ये हम नहीं बोल रहे हैं बल्कि अम्बिकापुर पुलिस बोल रही है दरअसल पूर्व पुलिस अधीक्षक भावना गुप्ता जी के ट्रांसफर के बाद उनके द्वारा अंबिकापुर में एक साल में कितने कार्रवाई की गई है इस संबंध में जब पुलिस प्रवक्ता से पूछा तो उन्होंने कहा हमारे पास उसका एकजेक्ट डाटा नहीं है जरा सोचिए कंप्यूटर के इस युग में इस प्रकार से जवाब देना कहां तक सही है या यह समझे की पुलिस अधीक्षक के बदलते ही अधिनस्थो का बरताव भी बदल जाता है……

Categorized in: