बैकुंठपुर। जिला मुख्यालय की सड़कों पर ट्रैफिक जाम और भारी भीड़ की समस्या तो आम थी ही। लेकिन, उससे भी गंभीर संकट बिजली विभाग की घोर लापरवाही का सामने आया है। शहर की सबसे अधिक व्यस्त सड़कों पर जहां लोगों का आना-जाना लगातार लगा रहता है, वहीं बिजली के खंभे और खुले फ्यूज बॉक्स सड़क किनारे बेहद खतरनाक स्थिति में रखे हुए हैं। इनकी दूरी न तो तय मानकों के अनुसार है और न ही इनमें किसी तरह की सुरक्षा का इंतजाम किया गया है। ऐसे में लोगों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है।

हो चुकी हैं कई दुर्घटनाएं
नियम के अनुसार, बिजली के खंभे सड़क से कम से कम 5 फीट की दूरी पर होने चाहिए। लेकिन, बैकुंठपुर की प्रमुख सड़कों पर खंभे लगभग सड़क से सटे हुए हैं। खुले तार और बिना ढक्कन के फ्यूज बॉक्स बच्चों, राहगीरों और वाहन चालकों के लिए जानलेवा खतरा बन चुके हैं। बीते चार सालों में इस लापरवाही के चलते कई दुर्घटनाएं भी हो चुकी हैं, जिनमें कुछ तो जानलेवा भी रही हैं। ताजा मामला बुधवार का है, जब एक गाय खुले फ्यूज बॉक्स की चपेट में आ गई और करंट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अगर उस वक्त कोई बच्चा या राहगीर वहां से गुजर रहा होता, तो बड़ी जनहानि हो सकती थी।

व्यवस्था को सुरक्षित करने की मांग
लोगों का कहना है कि हर दिन जब अपने बच्चों को स्कूल भेजते हैं, तो मन में डर बना रहता है कि कहीं रास्ते में किसी खुले फ्यूज बॉक्स या खंभे की वजह से कोई हादसा न हो जाए। कल जो हादसा हुआ, वो बेहद दर्दनाक था। अगर वक्त रहते विभाग ने ध्यान नहीं दिया, तो अगली बार किसी इंसान की जान जा सकती है। बस यही मांग है कि बिजली व्यवस्था को सुरक्षित किया जाए और जिम्मेदार अधिकारी इस पर तुरंत कार्रवाई करें।

जानकारी मिलते ही तत्काल जांच करवाई
इस मामले को लेकर कार्यपालक अभियंता आरपी मिश्रा ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही तत्काल जांच करवाई है। पहले खुले में 8 फ्यूज बॉक्स लगे थे, जिनमें से सात हटा दिए गए हैं और अब सिर्फ एक ही बॉक्स बाकी है। अनुमान से पहले पोल लगाए गए थे और बाद में सड़क बनी है। जनता की मांग है कि सभी खतरनाक और खुले फ्यूज बॉक्स को तुरंत कवर किया जाए, खंभों को सड़क से मानक दूरी पर शिफ्ट किया जाए और पूरी व्यवस्था को सुरक्षित बनाने के लिए नियमित निरीक्षण हो।

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