महामाया मंदिर तक चल रहे सड़क निर्माण में गुणवत्ता को ताक पर रखने का आरोप

कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर कराया ध्यानाकर्षण

अंबिकापुर। शहर की खराब सड़कों में पैबंद लगाने का काम शुरू हो गया है। कहीं सड़कों को पूरी तरह से डामरीकरण करके दुरूस्त करने के नाम पर लीपापोती की जा रही है, तो कहीं पैबंद लगाकर जर्जरता को छिपाने का प्रयास किया जा रहा है। सड़कों की गुणवत्ता का कितना ख्याल रखा जा रहा है, इसका आंकलन निर्माणाधीन सड़कों की स्थिति को देखकर किया जा सकता है। इन हालातों के बीच सड़क निर्माण के नाम पर भ्रष्टाचार की आवाज उठने लगी है।
जन सेवक इश्तियाक बउवा खान, जितेंद्र गुप्ता, मुस्लिम युवा मंच के अध्यक्ष वसीम अकरम सहित अन्य ने महामाया मंदिर प्रवेश द्वार से महामाया चौक तक किए गए सड़क निर्माण कार्य में गुणवत्ता का ध्यान नहीं रखने का आरोप लगाया है। कहा गया है कि सड़क निर्माण के नाम पर भ्रष्टाचार की अंतिम सीमा पार कर दी गई है। इसकी शिकायत कलेक्टर सरगुजा को ज्ञापन सौंपकर की गई है और मौके की स्थिति से अवगत कराने का प्रयास किया गया है। बताया गया है कि आचार संहिता लगने के बाद महामाया चौक से महामाया मंदिर तक सड़क निर्माण के नाम पर पेंच रिपेयरिंग और ऊपर से डामरीकरण का कार्य राजनीतिक दबाव में किया जा रहा है। सड़क ऐसी बनाई जा रही है, जिसमें डामर का उपयोग नहीं के बराबर किया जा रहा है। ऐसे में यह सड़क दुर्घटना का पर्याय बन रही है। ज्ञापन सौंपने के दौरान सरगुजा कलेक्टर से मौके का निरीक्षण करने की अपेक्षा व्यक्त की गई है। क्योंकि इस मार्ग में दो मंदिरों के अलावा शैक्षणिक संस्थान भी हैं, जहां लोगों का आना-जाना निरंतर होता है। मांग की गई है कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता युक्त सामग्री का उपयोग किया जाए। निर्माण कार्य की जांच कर ठेकेदार के विरूद्ध कार्रवाई की जाए।

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