ठेकेदार व सड़क विकास निगम के जिम्मेदारों पर एफआइआर दर्ज करने उठ रही आवाज

प्रतापपुर। प्रतापपुर से अंबिकापुर तक बनी सड़क जगह-जगह दबने के कारण खतरनाक हिचकोले खाने की स्थिति बन रही है। आए दिन हादसे हो रहे हैं। मंगलवार को चिटकाबहरा के पास टैंकर पलटने और युवा शिक्षक की मौत का कारण भी इसे ही माना जा रहा है। सड़क सुधार के लिए किसी प्रकार का कदम नहीं उठाया गया है, जिससे ठेकेदार व संबंधित विभाग के जिम्मेदारों के खिलाफ एफआइआर दर्ज करने की मांग उठने लगी है। इस सड़क को बने करीब पांच साल हुए हैं और यह ब्लैक स्पॉट बनते जा रहा है। अब तक कई निर्दोषों की जान गई है। वाहनों की तेज रफ्तार, गन्ना परिवहन में लगे वाहन, सब्जी परिवहन में लगी पिकप, बड़ी ट्रकों का इस मार्ग से निरंतर आवागमन होता है। सड़क दबने से बने हालात के कारण कब कौन वाहन अनियंत्रित होकर पलट जाएगी या निर्दोष की जान चले जाएगी, कहना मुश्किल है।
बता दें प्रतापपुर-अंबिकापुर मार्ग का निर्माण कुछ साल पहले सड़क विकास निगम द्वारा कराया गया है। निर्माण कार्य में लगे ठेकेदार छत्तीसगढ़ से बाहर के थे। अंबिकापुर के एक बड़े ठेकेदार ने पेटी कांट्रेक्टर के रूप में काम किया था। सड़क जैसे-तैसे बनकर तैयार हुआ, इसके बाद धीरे-धीरे कई स्थानों पर जर्क की स्थिति बनने लगी। खासकर जहां पर पुल-पुलिया बने हैं, इनके दोनों ओर सड़क दब गई है, जिस कारण खतरनाक स्थिति देखने को मिल रही है। प्रतापपुर, धरमपुर, गणेशपुर सहित कई गांवों के पास यह देखा जा सकता है। यहां से जब भी कोई गाड़ी पार होती है तो उन्हें धीरे करना पड़ता है। अनजान चालक अगर रफ्तार में निकलता है तो नियंत्रण खोने जैसी स्थिति बनती है। कई बार ऐसे हालात सामने आए हैं। वाहन में सवार लोग चोटिल होते हैं। मंगलवार को हुए हादसे का कारण भी चिटका बहरा नाला के पास के ऐसे ही हालात को माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि जब टैंकर लेकर चालक अंबिकापुर की ओर से आ रहा था तभी लगे जोरदार झटके के कारण कोई पार्ट्स टूट गया और स्टेयरिंग फेल होने की स्थिति बन गई टैंकर अनियंत्रित होकर पलट गया। दुर्घटना में एक शिक्षक की भी दर्दनाक मौत हो गई। सड़क के बिगड़े हालात की ओर प्रतापपुर के एक जनप्रतिनिधि ने पेटी कांट्रेक्टर का ध्यान दिलाया था, जिस पर सुधार के लिए आश्वस्त किया गया लेकिन काम नहीं किया गया। बड़े हादसे के बाद नगर के लोग संबंधित ठेकेदार और सड़क विकास निगम के अधिकारियों के खिलाफ एफआइआर दर्ज करने और प्रतापपुर से अंबिकापुर तक सड़क सुधार की मांग कर रहे हैं।
इनका कहना है
ठेकेदार ने सड़क अमानक स्तर की बनाई थी, इसके विरोध में कई आंदोलन हुए। प्रतापपुर से अंबिकापुर मार्ग में आए दिन हादसों के कारण मौतों का आंकड़ा बढ़ रहा है। प्रशासन को इसे गंभीरता से लेने की जरूरत है। सड़क की दुर्गति को देखते हुए मरम्मत और संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई जरुरी है। प्रशासन को हादसों को रोकने के लिए ठोस उपाय करना चाहिए।
जिशान खान, प्रदेश प्रवक्ता अल्पसंख्यक विभाग कांग्रेस  

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