जगदलपुर| छत्तीसगढ़ के बस्तर में जहाँ एक ओर जवान नक्सलगढ़ में नक्सलियों से लोहा ले रहे हैं वहीं दूसरी ओर ग्रामीणों के मददक लिए भी हमेशा तैआर रहते है| जवानों की तैनाती से अंदरुनी इलाको में ग्रामीणों को सड़क और स्वास्थ्य जैसी सुविधाएं भी बेहतर ढंग से मिलने लगी है| ऐसी ही मानवता से भरी एक तस्वीर बेहद ही नक्सलगढ़ बीजापुर जिले के पामेड़ इलाके से सामने आई है| जहां सीआरपीएफ 151 बटालियन के जवानों ने एक बीमार ग्रामीण को समय रहते इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई है|

सूचना पर तुरंत पहुंचे बीमार ग्रामीण की मदद करने
जवानों को सूचना मिली कि पटेलपारा में एक ग्रामीण बीमारी की वजह से बेहोश हो गया है| सूचना मिलते ही जवान मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर नीरज पांडे,सहायक कमांडेंट मनीष मिश्रा और जवानों दल बीमार ग्रामीण के घर पहुंचा| जहां 48 वर्षीय कवासी हड़मा घर पर मिर्गी और लो सुगर की वजह से बेहोश था| जिसे प्रारंभिक इलाज किया गया. फिर जवानों ने उल्टी खाट पर बीमार ग्रामीण को लेटाकर कंधे में टांगकर गांव के बाहर ट्रैक्टर तक लेकर पहुंचे| जिसके बाद ट्रैक्टर से बीमार ग्रामीण को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पामेड़ पहुंचाकर भर्ती कराया गया| जहाँ ग्रामीण को समय रहते उचित मिलने से ग्रामीण की जान बच गई|

नक्सल क्षेत्र में इस तरह की तस्वीर ग्रामीणों और जवानों के बीच बेहतर तालमेल की झलक दर्शाती हैं| जहां नक्सली लगातार मुखबिरी का आरोप लगाकर अंदरुनी क्षेत्र में हत्या का नृशंस खेल खेल रहे हैं वहीं दूसरी तरफ जवान नक्सलवाद को मुंहतोड़ जवाब हर मोर्चे पर देकर ग्रामीणों को नक्सलवाद से बचाकर ग्रामीणों की मदद कर रहे हैं|

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