जमीन को समतल करने देर रात की गई ब्लॉस्टिंग, घरों में कंपन व आई दरार से भड़के ग्रामीण
कार में तोड़फोड़, कोतवाली पुलिस युवकों को ग्रामीणों के चंगुल से छुड़ाकर लाई थाने

गिरजा ठाकुर

अंबिकापुर। मंगलवार को देर रात जमीन को समतल करने के चक्कर में पत्थरों को ब्लॉस्ट करना युवकों को महंगा पड़ा। युवक कार में सवार होकर भागने में सफल हो पाते, इसके पहले ग्रामीणों ने इन्हें घेर लिया और जमकर खातिरदारी की। ब्लॉस्टिंग से घरों में आई दरारों से भड़के ग्रामीणों ने कार में तोड़फोड़ भी की। सूचना मिलने पर मौके पर पुलिस पहुंची और ग्रामीणों को इनके चंगुल से छुड़ाकर थाने लाई। बुधवार को पुलिस ने इनका स्वास्थ्य परीक्षण मेडिकल कॉलेज अस्पताल में कराया है।

जानकारी के मुताबिक शहर के कुछ युवक मंगलवार को देर रात लगभग 11.30 बजे अंबिकापुर-रामानुजगंज एनएच से लगे ग्राम असोला में जमीन समतल करने के लिए बोल्डर ब्लॉस्ट करने में लगे थे। देर रात धमाका से ग्रामीणों का घर थरथरा उठा और आठ-दस घरों की दीवारों में दरारें आ गई। घरों के छप्पर गिरने से चोटिल होने जैसी स्थिति बन गई। ब्लॉस्टिंग की आवाज सुनकर दहशत में आए ग्रामीण जब घर से बाहर निकलेे, तो उन्होंने एक कार में कुछ युवकों को सवार होते देखा और वे आक्रोशित होकर इन्हें घेर लिए। युवकों को भागने का मौका नहीं मिला और ना ही ग्रामीणों को मनाने में वे सफल हो पाए। ग्रामीणों का आक्रोश ऐसा था कि वे कार में तोड़फोड़ करते हुए इनसे मारपीट करने लगे। इसकी खबर मिलने पर गांव के सरपंच सहित अन्य मौके पर जमा हो गए। ग्रामीणों का आक्रोश देख इसकी सूचना कोतवाली पुलिस को दी गई। पुलिस आनन-फानन में पहुंची और आक्रोशित ग्रामीणों को शांत कर ग्रामीणों के द्वारा क्षतिग्रस्त की गई कार व इसमें सवार शहरी युवकों को थाने ले आई। ग्रामीणों का कहना था आए दिन उनकी जान की परवाह किए बगैर निजी स्वार्थ के लिए कभी क्रशर संचालक तो कभी जमीन बेचने की नीयत रखे लोग जमीन समतल करने के नाम पर ऐसा धमाका करते हैं कि उनका घर हिल जाता है। ऐसा कोई दिन और समय नहीं है, कि वे सामान्य तरीके से जीवन जी सकें। ब्लॉस्टिंग का कोई संकेत उन्हें नहीं मिल पाता है ताकि वे स्वजनों के साथ सतर्क रहें। इस घटना के बाद बुधवार की दोपहर तक कोतवाली पुलिस के पास कोई प्रार्थी रिपोर्ट दर्ज कराने नहीं पहुंचा था।

पूर्व में भी घरों में दरार आने जैसी हुई है घटनाएं
बता दें कि क्रशर में गिट्टी की पूर्ति के लिए पत्थरों को ब्लॉस्ट करने की घटना कोई नई नहीं है। कई बार ग्रामीण इसकी शिकायत करने थाना पहुंचे हैं। इनका कहना है कि ब्लॉस्टिंग के निर्धारित मापदंडों की परवाह किए बगैर क्रशर संचालक पत्थरों को कमजोर करने ब्लॉस्टिंग करते ही हैं, अब जमीन को समतल करने के नाम पर ब्लॉस्टिंग की जाने लगी है। ऐसे में उनका जीना दूभर हो गया है। ग्रामीण बताते हैं कि लीज एरिया के बाहर तक यह प्रक्रिया चलने से उनके घरों के ऊपर गिट्टी, बोल्डर के टुकड़ों की बरसात होती है। डस्ट उनके घरों के अंदर तक प्रवेश कर जाता है। कई बार इस ओर पुलिस और प्रशासन का ध्यानाकर्षण उन्होंने कराया है। शिकायत के बाद कुछ दिनों तक स्थिति सामान्य बनाकर रखने का प्रयास किया जाता है, पुन: पुराने ढर्रे पर इनका काम चलने लगता है।

जमीन समतल करने कर रहे थे ब्लॉस्ट-टीआई
कोतवाली टीआई रूपेश नारंग ने बताया कि मंगलवार को देर रात लगभग 11-11.30 बजे शहर के कुछ लोगों के द्वारा ग्राम असोला में पत्थरों को फोड़ने के लिए केमिकल डालकर ब्लॉस्टिंग किया गया था, इन्हें ग्रामीणों के द्वारा घेरकर रखने की सूचना मिली थी। किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति ना बनने पाए, इसे देखते हुए तत्काल पुलिस की पेट्रोलिंग पार्टी को मौके पर रवाना किया गया। स्टॉफ के साथ वे मौके पर पहुंचे थे और कार सवारों को थाना लेकर आ गए। मौके पर जो युवक मिले वे क्रशर के सामने की जमीन को समतल करने के लिए पत्थरों को ब्लॉस्ट कर रहे थे, जिससे घरों में दरार आने जैसी बातें ग्रामीणें ने बताई है। उन्होंने गांव के सरपंच को सुबह थाने में बुलाया था लेकिन अभी तक इस मामले में किसी ने रूचि नहीं ली है।

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