जांच के लिए पानी का सैंपल लिया गया, स्वास्थ्य अमला घर-घर दे रहा दस्तक

अंबिकापुर। सरगुजा जिले के मैनपाट अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों में पीलिया का प्रकोप फैलने और एक माह के अंदर 4-5 लोगों के मौत की खबर सामने आने के बाद सरगुजा कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त जानकारी के आधार पर पीलियो से 2 मौतों की पुष्टि की है, वहीं स्वास्थ्य विभाग पीलिया से एक के मौत की पुष्टि कर रहा है। अन्य लोगों की मौतों का कारण अलग-अलग बताया जा रहा है। पीड़ितों में कुछ का इलाज अंबिकापुर के निजी अस्पताल में हो रहा है। क्षेत्र के कुआं, बोरबेल, हैंडपम्प के पानी सहित मृतकों के यहां उपलब्ध पानी के संसाधनों का भी सेम्पल जांच के लिए लिया गया है।

जानकारी के मुताबिक, मैनपाट क्षेत्र के नर्मदापुर, कमलेश्वरपुर, कुनिया सहित आसपास के गांवों में दर्जनों लोगों के पीलिया से पीड़ित होने का मामला सुर्खियों में आने के बाद बनी हड़कम्प की स्थिति के बीच जिले के स्वास्थ्य अधिकारी क्षेत्र में पहुंचे, और वास्तविक स्थिति का जायजा लिये हैं। इस दौरान सामने आया है कि क्षेत्र में पीलिया से पीड़ित जरूर मिले हैं, लेकिन पीड़ितों के मौत के कारण भिन्न हंै। बहरहाल पीलिया के प्रकोप जैसी स्थिति न बने, इसे ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग सजग है, वहीं लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग गांवों से पानी का नमूना संग्रहित किया है। इन सैंपल को जांच के लिए लैब भेजा गया है। ग्रामीणों से साफ और उबला हुआ पानी पीने, गरम भोजन करने, खाने-पीने की चीजों को स्वच्छ रखने और किसी प्रकार की बीमार का लक्षण दिखाई देने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जाकर इलाज कराने का आग्रह चिकित्सकों व स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं की टीम कर रही है। स्वास्थ्य विभाग प्रभावित गांव में पीड़ितों का जांच, इलाज कर रहा है। इन्हें जरूरी दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं। स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाकर लोगों के स्वास्थ्य की जानकारी ले रहे हैं। इधर सूत्रों का कहना है कि, इलाके में स्वास्थ्य प्रबंधन लापरवाह है। इनके गैर जिम्मेदाराना रवैये से मरीजों को शासकीय अस्पताल में संपूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नर्मदापुर और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कमलेश्वरपुर में लैब जांच की सुविधा होने के बाद भी रिएजेंट के अभाव में जांच बाधित होने व चिकित्सक एवं स्टाफ के अंबिकापुर से आना-जाना करने के कारण स्वास्थ्य सेवायें प्रभावित होने की बात भी सामने आ रही है।

सीएमएचओ ने 5 मौतों का कारण स्पष्ट किया

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि, मैनपाट क्षेत्र में जितेन्द्र यादव पिता कमुन्दर यादव 30 वर्ष, निवासी ग्राम कुनिया की मृत्यु लीवर फेल होने के कारण हुई है। बर्बल अटाप्सी तथा अस्पताल की रिपोर्ट के आधार पर इनकी मृत्यु स्टेपिक शॉक के कारण हुई है। श्रीमती भगवती यादव पति राधेश्याम यादव 44 वर्ष, निवासी ग्राम बरिमा की मृत्यु एम्स रायपुर में हुई, जिसके मृत्यु का कारण लीवर में सूजन और पीलिया बताया गया है। मृतिका में हेपेटाइटस-ए की पुष्टि हुई थी। विकास यादव पिता सत्यप्रकाश यादव 16 वर्ष, निवासी पटेलपारा दरिमा की मृत्यु वैदेही अस्पताल रायपुर से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार कार्डियो रेस्पिरेटरी अरेस्ट से हुई है। विकास यादव पिता अजीत यादव 23 वर्ष, निवासी ग्राम नर्मदापुर बचपन से ही सिकलिंग का मरीज था। आईएलएस अस्पताल रायपुर में इलाज के दौरान इसकी मृत्यु हुई है। आकांक्षा यादव पिता परमा यादव 21 वर्ष, निवासी ग्राम केसरा, टीबी बीमारी की पुरानी मरीज थी, जिसका इलाज होलीक्रॉस अस्पताल में चल रहा था। कई साल से इसे सांस लेने में परेशानी हो रही थी। 8 मई को इलाज के लिए अंबिकापुर लाते समय रास्ते में इसकी मौत हो गई।

मैनपाट में स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त सूचना के अनुसार पिछले 10 दिवस में दो व्यक्तियों की मौत पीलिया से हुई है। सूचना के तत्काल बाद स्वास्थ्य विभाग और पीएचई की टीम के द्वारा क्षेत्र में घर-घर जाकर सर्वे किया जा रहा है। ये जो मृत्यु हुई है, दो अलग-अलग गांव से है, अलग-अलग परिवारों से हैं। आगे ऐसी घटना न हो, इसके लिए विभाग को निर्देश दिये गये हैं। पानी का सैंपल भी लिया गया है। लोगों को यह भी समझाइस दी जा रही है कि, अगर कोई बीमार पड़ जाये तो सीधे डॉक्टर के पास जायें, झाड़फूंक या अन्य विधियों से बचें। तीन और व्यक्तियों के बारे में जो सूचना प्राप्त हुई है, उसके बारे में विभाग को बताया गया है, इसके बारे में जानकारी लेकर देने कहा गया है।

अजीत वसंत, कलेक्टर सरगुजा

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