अंबिकापुर। नवापारा स्थित शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, नवापारा में शुक्रवार को न्यूरोब्लास्टोमा से पीड़ित एक मासूम बच्चे को कीमोथेरेपी की चौथी साइकिल सफलतापूर्वक दी गई। यह पहला अवसर है जब नवापारा सीएचसी में किसी बाल कैंसर मरीज को कीमोथेरेपी दी गई है।
अब तक की प्रथा में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर बच्चों को कीमोथेरेपी देना दुर्लभ था, लेकिन नवापारा यूसीएचसी ने इस सोच को बदलते हुए एक नई मिसाल कायम की है। गंभीर कैंसर से पीड़ित बच्चों को इलाज के लिए जिला अस्पताल या बड़े शहरों में नहीं भटकना पड़ेगा। स्थानीय स्तर पर ही गुणवत्तापूर्ण उपचार की दिशा में इसे अच्छा कदम माना जा रहा है। चिकित्सा अधिकारी व ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. हिमांशु गुप्ता ने कहा यह सिर्फ इलाज नहीं है बल्कि एक उम्मीद की शुरुआत है। पहले बच्चों को कीमोथेरेपी के लिए मेडिकल कॉलेज या बड़े अस्पताल भेजना पड़ता था, अब हम नवापारा सीएचसी में इस सुविधा की शुरुआत कर चुके हैं। यह उनकी टीम के सामूहिक मेहनत और सेवा भाव का परिणाम है। डॉ. हिमांशु गुप्ता ने पूरी चिकित्सा टीम, डॉक्टर्स, स्टाफ नर्स, तकनीशियन, फार्मासिस्ट और सफाई कर्मचारियों को इस सफल पहल के लिए धन्यवाद दिया और कहा कि आने वाले समय में और भी कैंसर मरीजों को यहां इलाज उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। यह कदम नवापारा सीएचसी को एक मॉडल कैंसर ट्रीटमेंट सेंटर की दिशा में ले जाने वाला है। यह सफलता जिला कलेक्टर विलास भोसकर के मार्गदर्शन में जनप्रतिनिधियों के अथक प्रयासों व मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के द्वारा दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के प्रयासों का परिणाम है, जो केंद्र प्रभारी डॉ. शीला नेताम एवं नवापारा के समस्त स्टाफ नर्स की दृढ़ संकल्प सेवा व समर्पण से संभव हुआ है। उन्होंने कहा यह ऐतिहासिक विकास न केवल नवापारा यूसीएचसी के स्वास्थ्य कर्मियों का उत्साह बढ़ाता है, बल्कि छत्तीसगढ़ के कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए नई उम्मीद लेकर आया है।

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