रामानुजगंज(पृथ्वीलाल केशरी) जनपद पंचायत रामचंद्रपुर के अंतर्गत ग्राम पंचायत त्रिकुंडा में विधायक मद एवं 15 वां वित्त,गौण खनिज मद से लगभग 55 हैंडपंपों का खनन के साथ ही पीएचई विभाग के द्वारा 50 हैंडपंप का खनन कराया गया है। इनमें से कई हैंडपंप तो बेकार हो गए और कुछ उपयोग के लायक है जिसमें से लगभग 40 हैंडपंपों का उपयोग गांव के दबंगों के द्वारा अपनी निजी भूमि में खेती किसानी के लिए उपयोग किया जा रहा है प्रशासन को जानकारी होने के बाद भी दबंग की दबंगई के आगे तमस बिन बनकर रह गया है जिसके कारण ग्रामीणों को आय दिन जल की समस्या सताने लगी है। ग्रामीण सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत त्रिकुंडा में 105 हैंड पंपो का खनन शासन के द्वारा कराया गया है इसके बाद भी ग्रामीणों को पाने के लिए जदो जहद करना पड़ रहा है यह इसलिए की इस ग्राम पंचायत में दबंग के द्वारा अधिकतर हैंड पंपों पर अपना समरसीबल पम्प लगाकर अपने खेतों में सिंचाई के लिए पानी लिया जा रहा है। ग्रामीण बताते हैं कि इस बात की सूचना जनपद पंचायत स्तर के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कई बार लिखित एवं मौखिक रूप से दी जा चुकी है लेकिन दबंगों के साथ साठ गांठ करने के पश्चात कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है। वैसे जनपद पंचायत रामचंद्रपुर के कार्य प्रणाली पर पहले ही कई सवाल खड़े हो चुके हैं। इस कार्यालय में वर्षों से जमे हुए अधिकारियों एवं कर्मचारियों की तूती बोल रही है यह वही कार्य करते हैं जिनसे इनको अपनी आय का सुविधा हो सके। ग्रामीण क्षेत्र के ग्रामीणों की परेशानी से इन्हें कोई सरोकार नहीं है। जनपद पंचायत में बैठे अधिकारी को अपने साख पर बट्टा न लगे इसके लिए अपना यह वक्तव्य देते हैं कि आपके माध्यम से हमें जानकारी मिली है हम इसको संज्ञान में लेकर जांच करेंगे। जबकि शासन द्वारा इनको वाहन उपलब्ध कराकर ग्राम पंचायत की समस्याओं को दूर करने के लिए सर्व सुविधा युक्त v व्यवस्थाओं से लैस किया गया है इसके बावजूद भी अधिकारी शासकीय वाहन को अपने निजी कार्य में उपयोग करते हैं और दौर के नाम पर शासन का बिल फाड़ने में लगे हुए हैं। ऐसा प्रतीत होता है कि जनपद पंचायत रामचंद्रपुर का जिले के आला अधिकारियों का किसी मामले में कोई दखल नहीं
होने से जनपद पंचायत रामचंद्रपुर के ग्राम पंचायत में समस्याओं का अंबार लगा हुआ है। प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के द्वारा कलेक्टर जन दर्शन के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र की जनता की समस्या का निदान करने के लिए बनाया गया था लेकिन दुर्भाग्य की बात यह है कि शिकायत के बाद भी यह जांच उन्ही अधिकारियों को मिल रहा है जिन अधिकारियों के कार्य प्रणाली से तंग होकर लोग कलेक्टर जन दर्शन में शिकायत करने जा रहे है

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