रेल संघर्ष समिति के सदस्यों ने सरगुजा सांसद से किया आग्रह

अंबिकापुर। अंबिकापुर-रेणुकूट रेल लाइन विस्तार की मांग को लेकर रेल संघर्ष समिति के सदस्यों ने नवनिर्वाचित सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज से मिलकर अभियान को निर्णायक परिणति तक पहुंचाने का आग्रह किया।

रेल संघर्ष समिति के सदस्यों व प्रबुद्ध नागरिकों ने सांसद निवास जाकर चिंतामणि महाराज के सांसद निर्वाचित होने पर उन्हें बधाई व शुभकामनाएं देकर अंबिकापुर-रेणुकूट रेल विस्तार की मांग को जल्द पूरा कराने का अनुरोध किया। समिति के सदस्यों ने जन भावना के अनुरूप इस रेल लाइन के निर्माण के लिए पदयात्रा, हस्ताक्षर अभियान, समर्थन पत्र से लेकर पंचायतों के प्रस्ताव तक के प्रयासों की जानकारी दी। अंबिकापुर-रेणुकूट रेल लाइन का डीपीआर और एफएलएस पिछले अक्टूबर माह में रेलवे बोर्ड को जमा कर दिया गया है। पूर्व मध्य रेलवे द्वारा विंढमगंज अंबिकापुर रेल लाइन के रिवाइज्ड एफएलएस भी माह के अंत तक रेलवे बोर्ड में जमा होने की संभावना है। इसके बाद अंबिकापुर रेल लाइन को विंढमगंज से रेणुकूट के बीच निर्धारित स्थान पर जोड़े जाने के संबंध में अंतिम निर्णय लिया जाएगा। सरगुजांचल की जन भावना अंबिकापुर को रेणुकूट से रेल मार्ग के माध्यम से जोड़ने की है। यह प्रस्तावित मार्ग अन्य वैकल्पिक मार्गों की तुलना में लघुत्तर, कम लागत वाला और अपेक्षाकृत अधिक उपयोगी है। अंबिकापुर-रेणुकूट प्रस्तावित रेल मार्ग के समीप जगन्नाथपुर ओसीपी 3.5 मिलियन टन प्रतिवर्ष का कोल खदान संचालित है, जिसमें आगामी 20 वर्ष तक उत्पादन हो सकता है। मदन नगर में 15 मिलियन टन प्रतिवर्ष उत्पादन देने वाली माइंस चालू होने वाली है, जो आगामी 25 साल तक चलने वाला प्रोजेक्ट रहेगा। इसके अतिरिक्त भवानी प्रोजेक्ट कल्याणपुर, बरतीकला वाड्रफनगर, बगड़ा, कोटेया जैसे कई कोल प्रोजेक्ट इस रेल मार्ग के नजदीक हंै। सरगुजा अंचल कोयला उत्पादन के लिए जाना जाता है, साथ ही पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश का सिंगरौली क्षेत्र भी कोयला उत्पादक क्षेत्र है। आपस में जुड़ जाने पर यह कोयला परिवहन के लिए स्वर्णिम अवसर उपलब्ध कराएगा, जो आर्थिक दृष्टि से अत्यधिक लाभप्रद एवं व्यवहारिक है। अंबिकापुर-रेणुकूट रेल मार्ग का रेट ऑफ रिटर्न भी प्रस्तावित सभी मार्गों में अत्यधिक रहेगा। सांसद चिंतामणि महाराज ने जन भावना को ध्यान में रखते हुए अंबिकापुर-रेणुकूट रेल विस्तार के अभियान में गंभीरता के साथ इस संकल्पना को मूर्तरूप देने के लिए हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। 

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