बलरामपुर। सड़कों पर गाड़ियों की रफ्तार बढ़ने के साथ दुर्घटनाओं की आशंका भी गहराती जा रही है, बलरामपुर जिला इन खतरों को चुनौती दे रहा है। नियमों का पालन कराने सख्ती से चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘नियम तोड़ो-लाइसेंस छोड़ोÓ ने सड़क पर न केवल अनुशासन की बयार लाई है, बल्कि यह प्रेरणादायक बनकर सामने आ रहा है।
जानकारी के अनुसार जनवरी माह से मई तक, महज 5 महीनों में यातायात पुलिस ने नियमों का उल्लंघन करने के मामले में लगभग 39 लाख रुपये जुर्माना की वसूली की है। 111 ऐसे वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किए हैं, जो बार-बार यातायात नियमों का उल्लंघन कर रहे थे। यह कार्रवाई न केवल सख्त थी, बल्कि इसका सामाजिक संदेश भी असरदार रहा। अभियान को सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक के निर्देशन में बलरामपुर जिले में लागू किया गया। जिले के पुलिस अधीक्षक वैभव बैंकर ने इस अभियान को प्राथमिकता में रखकर हर स्तर पर इसके क्रियान्वयन की निगरानी की। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विश्व दीपक त्रिपाठी के मार्गदर्शन में पूरी यातायात टीम ने अभियान को युद्धस्तर पर लागू किया। अभियान को मोटर यान अधिनियम 1988 की धारा 19 तथा केंद्रीय मोटर यान अधिनियम की धारा 21 के तहत वैधानिक बल प्रदान किया गया।
इन नियमों के उल्लंघन पर हुई कार्रवाई
यातायात विभाग बलरामपुर ने उन सभी उल्लंघनों को केंद्र में रखा जो सड़क दुर्घटनाओं का मुख्य कारण बनते हैं, जैसे ओवर स्पीडिंग, बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चालन, नशे में ड्राइविंग। इन सभी गंभीर नियम तोड़ने वालों पर पहले जुर्माना और बार-बार गलती करने पर सीधे लाइसेंस निलंबन की सख्त कार्रवाई की गई। इस अभियान का असर अब स्पष्ट रूप से दिखने लगा है। बलरामपुर में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में धीरे-धीरे गिरावट दर्ज की जा रही है। सड़क पर लोगों की सतर्कता बढ़ी है, लोग हेलमेट पहनना, सीट बेल्ट लगाना और गति सीमा का पालन करने पहले से अधिक गंभीर हैं।
नियम तोड़ो, लाइसेंस छोड़ो अभियान केवल जुर्माना वसूली के लिए नहीं है, यह एक सामाजिक क्रांति है, जो लोगों के व्यवहार में बदलाव ला रही है। अभियान यह दिखाता है कि यदि जिम्मेदार प्रशासन सजग हो, तो नागरिकों में भी जिम्मेदारी की भावना उत्पन्न होती है। बलरामपुर पुलिस का यह अभियान कानून का भय नहीं, जागरूकता की प्रेरणा दे रहा है। यह एक उदाहरण है, सख्ती और संवेदनशीलता, जब दोनों मिलते हैं तो बदलाव अवश्य आता है। सड़कें केवल एक व्यक्ति की नहीं होतीं, यह सामूहिक जिम्मेदारी है। हर वाहन चालक की सजगता ही पूरे समाज की सुरक्षा सुनिश्चित करती है। वाहन चलाते समय नियमों का पालन करें, यह न केवल कानून की मांग है, बल्कि इंसानियत का भी तकाज़ा है।
विमलेश कुमार देवांगन, यातायात प्रभारी बलरामपुर

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