CGPSC 2021 परीक्षा घोटाला मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. परीक्षा से पहले ही तीनों सेट के पर्चे लीक कर दिए गए थे और जिनके साथ सेटिंग थी, उन्हें पहले ही पर्चे मिल गए थे. यह खुलासा कारोबारी श्रवण कुमार गोयल के बेटे और बहू के गिरफ्तार होने के बाद हुआ है. खुलासे के मुताबिक, शशांक गोयल और भूमिका कटिहार ने खुद टामन सिंह सोनवानी को रुपये पहुंचाये थे. वहीं यूपी परीक्षा नियंत्रक ने पर्चे को पहले ही लीक कर दिए थे.

दो दिनों में पांच लोगों को गिरफ्तारी
CGPSC घोटाला मामले में सीबीआई ने बीते दो दिनों में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है. सीबीआई ने पूर्व अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी के भतीजे साहिल सोनवानी, डिप्टी कलेक्टर पद पर चयनित शशांक गोयल और भूमिका कटियार को गिरफ्तार किया है. CBI ने पूछताछ के बाद तीनों आरोपियों को रायपुर कोर्ट में पेश किया.

7वीं रैंक पर था नीतेश सोनवानी
सरबदा निवासी नितेश सोनवानी तत्कालीन चेयरमैन टामन के भतीजे हैं, जिन्हें टामन अपने बेटे की तरह मानते हैं। वह टामन के साथ ही रहते थे। पीएससी 2021 में नितेश का चयन डिप्टी कलेक्टर के पद पर हुआ था। सूची में नितेश को 7वां स्थान मिला था।हालांकि, चयन सूची में सिर्फ उसका नाम लिखा हुआ है। उसका सरनेम नहीं लिखा हुआ है। पीएससी की सूची में पहली बार ऐसा हुआ है कि किसी उम्मीदवार का सिर्फ नाम है। उसके नाम के आगे और पीछे कुछ नहीं लिखा हुआ है।

जानें सीजीपीएससी 2021 घोटाला मामला
रिजल्ट जारी होने के बाद टॉप 20 चयनितों में से 17 ऐसे थे, जो किसी अधिकारी, नेता या व्यावसायी के बेटे, बेटी, बहू, भतीजे या अन्य रिश्तेदार थे. इसको लेकर अभ्यार्थियों ने भारी विरोध किया. परीक्षा में पारदर्शिता पर सवाल उठाए गए. आरोप लगे कि तत्कालीन चेयरमैन सोनवानी ने भर्ती के नियमों को दरकिनार कर अपने रिश्तेदारों समेत कांग्रेसी नेता और ब्यूरोक्रेट्स के बच्चों की नौकरी लगवाई है. भ्रष्टाचार के भी गंभीर आरोप लगे.

 

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