राजेन्द्र ठाकुर (राजू) बलरामपुर बलरामपुर नगर पालिका के वार्ड क्रमांक आठ की निवासी 60 वर्षीय धुरो बाई का जीवन संघर्ष और प्रेरणा का अद्भुत उदाहरण है। अपने पति के स्वर्गवास के बाद उन्होंने विषम परिस्थितियों में भी हार नहीं मानी और अपनी जीवन यात्रा को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
धुरो बाई के दो बच्चे हैं, लेकिन शादी के बाद वे अपने-अपने परिवार के साथ अलग रहते हैं। ऐसे में, धुरो बाई अपने टूटे-फूटे कच्चे मकान में अकेले जीवन व्यतीत कर रही थीं। वह इधर-उधर छोटे-मोटे काम करके और वृद्धावस्था पेंशन के सहारे अपना गुजारा कर रही थीं। उनके पति का सपना था कि उनका खुद का एक पक्का मकान हो, लेकिन उनके निधन के बाद यह सपना अधूरा रह गया और आज प्रधानमंत्री आवास योजना ने धुरो बाई के पति के सपनो को किया पूरा

प्रधानमंत्री आवास योजना बना सहारा

धुरो बाई ने अपने पति के इस अधूरे सपने को पूरा करने की ठान ली। आसपास के लोगों ने उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के बारे में बताया, जो गरीब और असहाय लोगों के लिए पक्के मकान बनाने की योजना है। धुरो बाई ने नगर पालिका के अधिकारियों से योजना की पूरी जानकारी प्राप्त की और आवेदन जमा किया।
कुछ महीनों बाद उनके आवेदन को स्वीकृति मिली और निर्माण कार्य शुरू हुआ। धीरे-धीरे उनके पुराने कच्चे घर की जगह पर एक पक्का मकान बनकर तैयार हो गया। अब धुरो बाई के पास एक सुरक्षित और मजबूत आशियाना है, जो उनके जीवन का सबसे बड़ा सपना था
धुरो बाई प्रधानमंत्री आवास योजना और नगर पालिका के कर्मचारियों का धन्यवाद करते नहीं थकतीं। उनका कहना है, की प्रधानमंत्री आवास योजना ने मेरी जिंदगी बदल दी। अब मैं एक सुरक्षित और आरामदायक घर में रह सकती हूं। यह मेरे पति के सपने को पूरा करने जैसा है।
प्रधानमंत्री आवास योजना न केवल धुरो बाई के लिए, बल्कि कई अन्य जरूरतमंद परिवारों के लिए भी जीवन बदलने वाली पहल साबित हो रही है।

 

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