गिरिजा ठाकुर 

अंबिकापुर। बलरामपुर जिले अंतर्गत बसंतपुर थाना क्षेत्र के ग्राम मदनपुर में एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी को जिंदा जला लिया। इसके पहले वह पत्नी का हाथ-पैर बांध दिया और मुंह में कपड़ा ठूंस दिया था, इसके बाद ऊपर से पेट्रोल डालकर आग लगा दिया। पेट्रोल की आग ऐसा भभकी कि पड़ोसी तक अवाक रह गए। आरोपी पति कुल्हाड़ी लेकर घर के दरवाजे में खड़ा था। इधर पास-पड़ोस के ग्रामीणों किसी तरह आग बुझाए। गंभीर अवस्था में महिला को वाड्रफनगर स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। यहां से रेफर करने पर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इलाज चला, यहां सोमवार को देर शाम उसकी मौत हो गई। गंभीर रूप से झुलसी महिला ने मृत्यु पूर्व पति के हैवानियत की जानकारी पुलिस को दी है।

मृतिका के पिता देवसाय निवासी रेवटी गोवर्धनपुर ने बताया कि उनकी पुत्री नेहा सोनहा 28 वर्ष नौ वर्ष पूर्व ग्राम मदनपुर थाना बसंतपुर निवासी ट्रक चालक रामप्रसाद अगरिया से प्रेम विवाह की थी। दो-तीन साल बाद से ही पति चारित्रिक संदेह पर आए दिन उसके साथ मारपीट करने लगा। इनके दांपत्य जीवन के बीच दो पुत्रियों का जन्म हुआ। मृतिका के पिता का आरोप है कि आरोपी रामप्रसाद आए दिन शराब पीकर घर आता और उनकी पुत्री को टार्चर करता था। प्रताड़ना की हद पार होने पर वह पिछले कछ वर्षों से मायके आकर रहने लगी थी। तीन-चार माह से पुन: दोनों के बीच बातचीत होने लगी और वह पत्नी नेहा से मान-मनौव्वल करके घर आने के लिए राजी कर लिया था। इसके बाद दीवाली के दिन उन्होंने अपनी पुत्री को पति के साथ भेजा था। दीवाली खत्म हुए पखवाड़ा नहीं बीता था, आरोपी पति ने सोमवार 20 नवंबर को गृहलक्ष्मी को खौफनाक मौत दे डाली। महिला 90 प्रतिशत जल गई थी। पास-पड़ोस के लोगों को इसका आभास हुआ और वे मौके पर पहुंचे तो रामप्रसाद अगरिया कुल्हाड़ी लेकर दरवाजे पर खड़ा था। इसके बाद भी एकजुट ग्रामीण अंदर तक पहुंच गए। उन्होंने भभकती आग से घिरी नेहा को बचाने की हरसंभव कोशिश की और उसे वाड्रफनगर अस्पताल लेकर गए। गंभीर स्थिति देखते हुए उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर के लिए चिकित्सक ने रिफर किया था। तत्समय अस्पताल में पत्नी को खौफनाक मौत देने वाला पति भी मौजूद था। रेफर करने पर वह पत्नी को लेकर मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचा। रात साढ़े आठ के लगभग जैसे ही चिकित्सक ने उसे मृत घोषित किया अस्पताल से आरोपी पति भाग निकला। पुलिस ने मंगलवार को मृतिका के शव का पोस्टमार्टम कराया और स्वजन को सौंप दिया है।

पंचायत में दी गई थी समझाइश
मृतिका के पिता देवसाय का कहना है कि नेहा के साथ आए दिन मारपीट की घटना सामने आने के बाद गांव में पंचायत भी हुई थी। इस दौरान आरोपी रामप्रसाद अगरिया को समझाइश दी गई थी। इसके बाद उम्मीद थी कि दोनों अच्छे से रहेंगे। ऐसे हैवानियत का शिकार उनकी बेटी होगी, यह कल्पना उन्होंने नहीं की थी। सोमवार को दोपहर डेढ़ बजे नेहा के आग से झुलसने की खबर पर वे वाड्रफनगर अस्पताल पहुंचे थे। पुलिस भी पहुंची और उनकी पुत्री से पूछताछ की। जीवन-मौत से जूझ रही नेहा आरोपी पति के करतूत की जानकारी पुलिस को दी थी। अस्पताल में आरोपी भी मौजूद था।

पत्नी की मौत के बाद भागा पति
मेडिकल कॉलेज अस्पताल अंबिकापुर में सोमवार की रात 8.30 बजे के लगभग जैसे ही नेहा के दम तोड़ने की जानकारी आरोपी पति को मिली वह भागने लगा। मौजूद मृतिका के पिता व अन्य ने उसे पकड़ा। वह इन्हें झटकारते वहां से फरार हो गया। अग्निदग्धा के मौत की जानकारी पुलिस को दी गई, जिस पर स्थानीय पुलिस ने मर्ग कायम कर मृतिका के शव का पोस्टमार्टम कराया है।

बसंतपुर थाना क्षेत्र के ग्राम मदनपुर की विवाहिता पर पेट्रोल डालकर पति के द्वारा आग लगाने का मामला आया है। महिला ने पति पर जलाने का आरोप लगाया है। इलाज के दौरान महिला के मौत की जानकारी मिली है। अस्पताल में उसका पति भी था, जो पत्नी की मौत के बाद फरार हो गया। मर्ग डायरी मिलने पर मामले में अपराध दर्ज कर जांच, विवेचना में लिया जाएगा।
डाकेश्वर सिंह
चौकी प्रभारी वाड्रफनगर

Categorized in: