सूचना पर पुलिस ने विधिवत गिरफ्तारी कर न्यायालय में प्रस्तुत किया

रामानुजनगर। बहुचर्चित बैंक घोटाला मामले में एक और आरोपित कैशियर ने न्यायालय में सरेंडर किया। न्यायालय की सूचना पर स्थानीय पुलिस ने कैशियर को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

जानकारी अनुसार सेंट्रल बैंक घोटाले का आरोपी हेड कैशियर देवेश लालखेर पिता लक्ष्मण प्रसाद 33 वर्ष, निवासी सेक्टर-8 भिलाई नगर जिला दुर्ग बैंक में हुई गड़बड़ी को लेकर थाने में अपराध दर्ज होने के बाद से लगातार फरार था। 29 अप्रैल 2023 को वह न्यायालय के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। तत्कालीन हेड कैशियर के आत्मसमर्पण करने की सूचना न्यायालय से प्राप्त होने पर पुलिस ने उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया था। आरोपी के विरूद्ध मामले में अपराध क्रमांक 199/2019 तथा अपराध क्रमांक 1110/2020 के तहत धारा 420, 409, 467, 468, 471, 120बी 34 आईपीसी का मामला पंजीबद्ध किया गया था। बैंक घोटाले में एक अन्य आरोपी अंबिकापुर निवासी अमित गुप्ता भी फरार है, जिसकी तलाश पुलिस कर रही है।
ग्राहकों के साथ भेदभावपूर्ण रवैया का आरोप
सेंट्रल बैंक रामानुजनगर में हुए करोड़ों के घोटाले में बैंक ने ग्राहकों के साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपनाते हुए ऊंची पहुंच वाले व बड़े खाताधारकों को उनका पैसा लौटा दिया, वहीं आम और कमजोर तबके के खाताधारकों के मेहनत की धन राशि घोटाले की भेंट चढ़ गई, ऐसे लोगों पर लाखों रुपये कर्ज बता दिया गया है। ऐसे लोगों को बैंक उनका पैसा नहीं लौटा रही है। वहीं बैंक घोटाले में शामिल कर्मचारियों ने कूटरचित दस्तावेज के सहारे जिन लोगों के नाम पर ऋण स्वीकृत किया और इनकी बिना जानकारी में दिए राशि अंतरण व आहरण कर घोटाला किया, ऐसे पीडि़त लोगों पर बैंक की ओर से धड़ाधड़ वसूली का नोटिस जारी कर दबाव बनाया जा रहा है।

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