व्यवसायी द्वारा दर्ज कराए गए दो मामलों को वापस लेने बनाया था दबाव

अंबिकापुर। झारखंड के वासेपुर का कुख्यात गैंगस्टर सब्बीर उर्फ साबिर आलम और उसके बेटे कामरान समेत 9 लोगों के खिलाफ अंबिकापुर कोतवाली पुलिस ने एक और एफआईआर दर्ज किया है। आरोपियों ने खरसिया नाका के एक व्यवसायी पर पहले दर्ज दो मामलों को वापस लेने का दबाव बनाया और गाली-गलौज करके जान से मारने की धमकी दी।

शिकायतकर्ता खरसिया नाका निवासी अबू मोहम्मद पिता अब्दुल हकीम 28 वर्ष ने पुलिस को बताया है कि कामरान साबरी, साबिर आलम और जिसान आलम के साथ हुए विवाद को लेकर उन्होंने पहले भी कोतवाली थाने में दो एफआईआर दर्ज कराई थी, उन्हीं मामलों को वापस लेने के लिए आरोपी पिछले कई महीनों से उन्हें लगातार धमका रहे थे।

एफआईआर में बताया गया है कि सबसे पहले 3 जनवरी 2026 को शाम को करीब 4 बजे घर के गेट के सामने खुशबास आलम ने कुर्सी लगाकर अबू मोहम्मद को अंदर जाने से रोका और विवाद कर गाली-गलौज की घटना को अंजाम दिया। इसके बाद 4 जनवरी को सुबह 10 बजे नौसाद आलम, इरशाद आलम और मो. साद ने जानबूझकर इनोवा कार घर के गेट के पास खड़ी कर दी। अबू मोहम्मद ने कार हटाने के लिए कहा तो आरोपियों ने गाली देकर जान से मारने की धमकी दी। दूसरी घटना 17 मार्च 2026 को शाम 3.30 बजे हुई। अबू मोहम्मद अपनी कार क्रमांक सीजी 15 सीक्यू 5681 से दोस्त मो. दानिश के साथ घर गए थे, यहां से खरसिया नाका के पास स्थित अपने दुकान जा रहे थे। दानिश के घर के पास साबिर आलम के घर के सामने कामरान साबरी, साबिर आलम, इरशाद आलम, जिसान साबरी, दिलशाद आलम और सलमान खड़े थे। जब वे दानिश के साथ कार में जाने लगे तो उन्हें देखकर सभी आपस में कुछ बात किए और स्कूटी वाहन क्रमांक सीजी 15 ईजे 0681 से पीछा करते सलमान और कामरान चलती कार के करीब आ गए और कार का शीशा नीचे करने के लिए कहा। जब उन्होंने कार का शीशा नीचे किया तो दोनों गाली देते हुए धमकाये कि पहले दर्ज केस वापस न्यायालय से वापस नहीं लेने पर जान से मार देंगे। इरशाद और दिलसाद भी इनका साथ दे रहे थे। अबू मोहम्मद ने पुलिस को बताया है कि आरोपी लगातार उनके और परिवार के साथ कोई बड़ी घटना करने की धमकी दे रहे हैं, जिससे वे भयभीत हैं। पुलिस ने मामले में साबिर आलम, कामरान साबरी, इरशाद आलम, जिसान आलम, दिलशाद आलम, सलमान, मो. साद, खुशबास और नौसाद के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

भगोड़े गैंगस्टर को तलाश रही पुलिस

बता दें कि, वासेपुर में हत्या के मामले में सजायाफ्ता गैंगस्टर सब्बीर आलम करीब 13 सालों से अंबिकापुर में छिपकर रह रहा था। एक जुलाई को झारखंड पुलिस उसे गिरफ्तार करने अंबिकापुर पहुंची थी, लेकिन उसके सहयोगियों ने विवाद करके उसे पुलिस के चंगुल में आने से पहले ही भगा दिया था, इसके बाद से वह फरार है। वहीं झारखंड के न्यायालय ने गैंगस्टर को भगोड़ा साबित किया है। इन सबके बीच अंबिकापुर कोतवाली थाना में इसके विरूद्ध एक और मामला दर्ज हो गया है।

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