सत्र न्यायालय ने सुनाया फैसला, 1 वर्ष 11 माह की सजा शामिल हुई

अंबिकापुर। सप्तम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश महेश कुमार राज की अदालत ने चर्चित अक्षत अग्रवाल हत्याकांड में फैसला सुनाते हुए आरोपी संजीव मंडल उर्फ भानु को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपी को भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) और आर्म्स एक्ट की धारा 25, 27 में दोषी पाया।

अभियोज़न के अनुसार 20 अगस्त 2024 की शाम करीब 6.30 बजे आरोपी ने 2 लाख रुपये में सुपारी लेकर अक्षत अग्रवाल की पहाड़ घुटरी जंगल में गोली मारकर हत्या कर दी थी। घटना के बाद आरोपी मृतक के सोने के गहने, 48 हजार रुपये नगद और हत्या में प्रयुक्त पिस्टल लेकर फरार हो गया था। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर 3 देशी पिस्टल, 31 जिंदा कारतूस, 3 खोखे, मृतक के गहने और नगदी जब्त की थी।

सुनवाई के दौरान अभियोज़न ने कहा कि आरोपी ने सुपारी लेकर जघन्य अपराध किया है, इसलिए उसे कठोर से कठोर दंड दिया जाए। वहीं बचाव पक्ष ने कहा कि अभियोज़न का केस परिस्थिति जन्य साक्ष्यों पर आधारित है और आरोपी को झूठा फंसाया गया है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने आरोपी को धारा 103(1) में आजीवन सश्रम कारावास और 2000 रुपये अर्थदंड, आर्म्स एक्ट धारा 25 में 3 वर्ष सश्रम कारावास और 1000 रुपये अर्थदंड तथा धारा 27 में 5 वर्ष सश्रम कारावास और 1000 रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर प्रत्येक धारा में 1-1 वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। आरोपी को 21 अगस्त 2024 से अब तक की 1 वर्ष 11 माह 26 दिन की न्यायिक अभिरक्षा सजा में मुजरा की गई है।

कोर्ट ने जब्त संपत्ति में हुंडई कार, आईफोन और होंडा साइन को अपील अवधि बाद स्वामी को लौटाने, वहीं पिस्टल, कारतूस और खून लगे कपड़ों को नष्ट करने के आदेश दिए। 48 हजार रुपये नगद राजसात करने का आदेश भी दिया गया है। मामले की पैरवी अतिरिक्त लोक अभियोजक विनोद कुमार दुबे और प्रकाश मणि त्रिपाठी ने की।

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