अंबिकापुर। शेयर ट्रेडिंग के माध्यम से प्रॉफिट देने का झांसा देकर मोतीलाल ओसवाल नामक कंपनी से फ्रेंचाईजी दिलाने और डिमैट एकाउंट में ईमेल आईडी को बदलकर करोड़ों रुपये की हेराफेरी के मामले में गांधीनगर थाना पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।
केदारपुर भ_ी रोड निवासी शशिकान्त सिंह पिता स्व. नरेन्द्र कुमार सिंह 44 वर्ष ने पुलिस को बताया है कि जून 2023 में आकाश सिंह पिता समर बहादुर सिंह 35 वर्ष, मूल निवास धरमपुर प्रतापपुर, जिला सूरजपुर, वर्तमान ठिकाना रायल पार्क एमजी रोड अंबिकापुर, निखिल प्रताप सिंह पिता पुषेन्द्र प्रताप सिंह निवासी सोनहत वार्ड क्रमांक-2 महामाया मंदिर के पास जिला कोरिया, वर्तमान पता रायल पार्क एमजी रोड अंबिकापुर के संपर्क में वह आया था। इनके द्वारा ट्रेडिंग के मध्यम से लोगों से रुपये इन्वेस्ट करवाकर लाखों रुपये का हर माह लाभ दिलवाने का झांसा दिया गया। इनकी बातों में आकर वह अपने परिचित दीपक तिवारी, योगेश विश्वकर्मा, कमलेश्वर टोप्पो, अजय सिन्हा, राजीव वर्मा, मुकेश सोनकर, विरेंद्र तिर्की व अन्य लोगों को आकाश सिंह और निखिल प्रताप सिंह के बारे में बताया। इसके बाद वह अपने परिचितों के साथ इनसे मिलना-जुलना शुरू कर दिया। कुछ ही समय में ट्रेडिंग का मास्टर बनने की बातों में फंसकर वे ट्रेडिंग के क्लास में आने लगे। आकाश और निखिल नावापारा में सर्वोहम एकेडमी के नाम से ऑफिस खोले थे, जिसमें उन्हें स्टाक मार्केट व मोतीलाल ओसवाल कंपनी के बारे में बताया। आकाश ने पहले मोतीलाल कंपनी के अन्तर्गत शेयर ट्रेडिंग का काम करने से संबंधित प्रमाण पत्र दिखाकर इन्हें विश्वास में लिया। इनके द्वारा दो लोगों के नाम पर एक फर्म तैयार करके मोतीलाल ओसवाल से फ्रेंचाइजी लेकर ट्रेडिंग का काम स्वयं करने कहा गया और विश्वास दिलाया कि मूलधन सुरक्षित रहेगा, हर माह लाभांश अलग से मिलेगा। आकाश और निखिल प्रताप ने शशिकान्त व दीपक तिवारी के नाम पर कैपिटल राइस एसोसिएट्स नाम का फर्म बनाकर मोतीलाल ओसवाल ट्रेडिंग कंपनी से फ्रेंचाइजी प्राप्त किया और उनका अलग-अलग डिमेट एकाउंट खोलकर उस खाते में इनसे रुपये जमा करवा ट्रेडिंग करने लगे। शुरू में आकाश अपने मोबाइल से उनके खाता को ऑपरेट करता था, बाद में उसके कहने पर शशिकान्त और दीपक सीम और मोबाइल खरीद कर आकाश को दे दिए, जिससे बार-बार ओटीपी न बताना पड़े। फरवरी 2024 में, अप्रैल 2024 में अलग-अलग हॉटल में बैठक ली गई। कंपनी के फ्रेंचाइजी हेड छत्तीसगढ़ आयुष राव भी आकाश सिंह की प्रशंसा करके इन्हें बेखौफ ट्रेडिंग करने कहे। मुनाफा कम मिलने पर आकाश ने होल्डिंग हटाने के नाम पर रुपये की आवश्यकता बताते हुए ट्रेड किए गए अतिरिक्त रकम का हर माह 10 प्रतिशत ब्याज देने का झांसा दिया और सर्वोहम एकेडमी और एटूएस कार वाश के खाता में व नगद 35 लाख रुपये जमा करवा लिया। इसके बाद भी मुनाफा में बढ़ोतरी नहीं हुई। कई माह तक रुपये नहीं मिलने की स्थिति में जब वे दबाव बनाए तो आकाश सिंह मूलधन वापस करने की बात कहते हुए टालमटोल करते टीम के निखिल, जय थॉमस और रजत गुप्ता के साथ मोबाइल बंद करके गायब हो गया। 12.10.2024 को अपने साथियों के साथ अंबिकापुर वापस आकर 03 दिन के भीतर रुपये देने कहा। इस अवधि में रुपये नहीं मिला। 23.10.2024 को नावापारा स्थित सर्वोहम एकेडमी में हिसाब करने के बाद भी वह इन्हें गुमराह करते रहा। रुपये नहीं मिलने पर जब निवेशक आकाश के ऑफिस में गए तो उसके कहने पर गनमैन व बाडीगार्ड ने उन्हें कार्यालय से धक्का देकर बाहर कर दिया। अन्य निवेशकों के साथ जब वे आकाश के ऑफिस में गए तो बैंक का 04 चेक देने के बाद थाना गांधीनगर में इनके विरूद्ध डरा-धमका चेक लेने का आवेदन दे दिया। आरोप झूठा साबित होने पर वह पुन: रुपये देने की बात कहकर निवेशकों को भटकाते रहा।
बिना सहमति लिए ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर बदला
शशिकान्त अपने स्तर पर जानकारी एकत्र किया तो पता चला कि उनके कैप्टल राइस फ्रेंचाइजी के डिमेट एकाउंट में मोबाइल नंबर व ईमेल आईडी बिना उनकी सहमति के कूटरचना के तहत बदला गया है। फ्रेंचाईजी के ब्रोकरेज डिटेल को देखने पर उसमें आकाश के नाम का एक आईडी जुड़ा मिला। ब्रोकरेज का लाभ शुरू से आकाश ले रहा था। इस संबंध में अन्य ट्रेडर्स से चर्चा के दौरान पता चला कि मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी बदलने का प्रोसेस कठिन है, जिसमें कंपनी और फ्रेंचाइजी हेड की आवश्यकता होती है। आरोप है कि मोतीलाल ओसवाल कंपनी के छत्तीसगढ़ हेड से बातचीत करने पर आयुष राव ने भी मदद की जगह हाथ खड़े कर लिए, जबकि वह स्वयं रुपये इन्वेस्ट करने प्रेरित किया था। कंपनी में मेल करने पर भी कोई जानकारी नहीं दी गई। कुछ दिन बाद आकाश सिंह ने मोती लाल ओसवाल कंपनी के कर्मचारियों को बुलाकर बिना उनकी सहमति के फ्रेंचाइजी को बंद कर दिया। आकाश सिंह एवं उसके अन्य साथियों को जब छल का पर्दाफास होने की जानकारी मिली तो वे स्वयं निवेशकों से संपर्क करके रुपये देने की बात कहकर 06.12.2024 को लिखित शपथ पत्र में पूरा रकम वापस करने का वादा करके पुराना चेक ले लिए और 06 नया चेक थमा दिया, जो बाउंस हो रहा है।

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