घायल चालक ने कहा-पता नहीं कैसे हुई दुर्घटना, होश आया तो था अस्पताल में

अंबिकापुर। संत गहिरा गुरु विश्वविद्यालय की शासकीय इनोवा कार बनारस रोड में लटोरी पुलिस चौकी अंतर्गत अनियंत्रित होकर पलट गई, हादसे में इनोवा चालक सहित दो घायल हुए थे, एक की मौत हो गई। विश्वविद्यालय में बस चलाने वाला चालक प्रबंधन को जानकारी दिए बगैर शासकीय वाहन लेकर गैस भराने गया था और नशे में लापरवाही पूर्वक वाहन चला रहा था। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त शासकीय वाहन को अपने कब्जे में ले लिया है। विश्वविद्यालय प्रबंधन शासकीय वाहन को निजी काम के लिए चालक द्वारा ले जाने के बाद भी बेफिक्र रहा। एक्सीडेंट की सूचना मिलने पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचे, और घायल चालक की स्थिति का जायजा लिया।
जानकारी के मुताबिक मृतक रमेश विश्वकर्मा पिता सतासी विश्वकर्मा 38 वर्ष, ग्राम अतायर, जिला गोरखपुर उत्तर प्रदेश का रहने वाला था, जो वर्तमान में सुभाषनगर अंबिकापुर में अपने परिवार के साथ किराए के मकान में रहता था। बगल में रविन्द्र सिंह रहता है, जो संत गहिरा गुरू विश्वविद्यालय में बस का चालक है। 28 दिसम्बर को सुबह करीब 10 बजे रविन्द्र घर के बगल में रहने वाले रमेश विश्वकर्मा को शासकीय वाहन में लेकर गैस भरवाने के लिए मेंड्रा गया था, और 10 मिनट बाद गैस भराकर घर वापस आ गया। इसके बाद वह रमेश को मंडी से सस्ता सब्जी लेकर आने की बात कहते हुए साथ चलने के लिए कहा, लेकिन वह जाने के लिए तैयार नहीं हो रहा था, जिस पर रविन्द्र जबरन उसको अपने साथ इनोवा वाहन क्रमांक सीजी 02-5504 में बैठाकर साथ ले गया, इसके बाद दोनों शराब पिए थे। रमेश अपना मोबाइल फोन घर में ही छोड़ दिया था। दोपहर करीब 2.30 बजे तक जब दोनों वापस घर नहीं लौटे तो रमेश की पत्नी नीलम देवी ने रविन्द्र के मोबाइल में फोन करके कहीं जाने की बात कहते हुए पति को घर छोड़ देने के लिए कहा, तो 10 मिनट में पहुंच रहे हैं, कहकर वह फोन काट दिया।
आधे घंटे तक जब दोनों वापस नहीं आए तो रविन्द्र सिंह की पत्नी सीमा अपने पति के मोबाइल में कॉल की, तो फोन कोई दूसरा व्यक्ति रिसीव किया और बताया कि फोन धारक का सूरजपुर जिला के लटोरी पुलिस चौकी अंतर्गत ग्राम मजीरा में छतरपुर चौक के पास एक्सीडेंट हो गया है। गाड़ी में दो लोग थे, एक आदमी को काफी चोंट लगा है। इसकी सूचना मिलने पर जब रमेश की पत्नी घटनास्थल पर गई तो सड़क के किनारे खाई में कार क्षतिग्रस्त हालत में पड़ी थी और रमेश विश्वकर्मा पीठ के बल अचेत हालत में गाड़ी से थोड़ी दूर पड़ा था, उसके सिर, चेहरे में चोट लगा था, जिससे काफी खून का रिसाव हुआ था। दाहिना पैर घुटना पास से टूटा हुआ नजर आ रहा था। गांव के लोगों ने बताया कि ड्रायवर को इलाज के लिए अस्पताल ले गए हैं। कुछ देर बाद पुलिस व दुर्घटनाग्रस्त इनोवा वाहन चालक के परिवार वाले आए और रमेश को निजी वाहन से लटोरी शासकीय अस्पताल लेकर गए, यहां से प्राथमिक इलाज के बाद रिफर करने पर रमेश को लेकर स्वजन होलीक्रॉस अस्पताल अंबिकापुर लेकर पहुंचे, यहां आपातकालीन वार्ड में जांच के बाद चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मृतक के शव को पोस्टमार्टम के बाद स्वजन के सुपुर्द कर दिया है।
बिना अनुमति के लेकर गया वाहन
शासकीय वाहन को जमा करने के बजाय चालक बिना अनुमति के कैसे लेकर गया, इसकी जांच के लिए कमेटी का गठन किया जाएगा। चालक रविन्द्र गाड़ी रखने जा रहा हूं कहा था, इसके बाद एक्सीडेंट की सूचना मिली। शराब पीकर शासकीय वाहन चलाना प्रथम दृष्टया अपराध है।
एस.पी. त्रिपाठी, कुलसचिव
संत गहिरा गुरू विश्वविद्यालय, सरगुजा

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