अंबिकापुर – शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाला वीडियो मैनपाट वंदना प्राइमरी स्कूल का सामने आया है टीचर शराब के नशे में धुत होकर स्कूल पहुंच गया। शिक्षक ने कहा कि उसने 20 रुपए की शराब पी है। फिर उठक-बैठक करने लगा। यह वीडियो शराबी शिक्षक और शिक्षा विभाग की जमीनी हकीकत और दावों की पोल खोल रहा है ।

बताया जा रहा है कि, स्कूल में शिक्षक के नशे में होने की जानकारी मिलने पर ग्रामीणों ने स्थानीय पत्रकारों को सूचना दी। जब पत्रकार स्कूल पहुंचे तो शिक्षक नशे की हालत में मिला और उसने शराब पीने की बात खुद स्वीकार की। जानकारी के मुताबिक, मैनपाट ब्लॉक के प्राइमरी स्कूल बालक वंदना में पदस्थ टीचर राज प्रताप सिंह शुक्रवार को नशे की हालत में स्कूल पहुंच गया। स्कूल की हेडमास्टर शुक्रवार को छुट्‌टी पर थीं। एक शिक्षक स्कूल ही नहीं आए। नशे में धुत शिक्षक के भरोसे पहली से पांचवीं के बच्चे स्कूल में थे।

स्कूल में नशे की हालत में एक शिक्षक के भरोसे प्राइमरी स्कूल के बच्चों के होने की सूचना ग्रामीणों ने स्थानीय पत्रकारों को दी। पत्रकार जब स्कूल पहुंचे तो शिक्षक राज प्रताप सिंह ने शराब पीना स्वीकार किया। टीचर ने कहा कि, उसने मात्र 20 रुपए की आधा गिलास महुआ शराब पी है। शिक्षक ने अपनी गलती स्वीकारी और खुद ही उठक-बैठक करने लगा। प्राइमरी स्कूल में 60 से अधिक बच्चे हैं। हालांकि शुक्रवार को बच्चों की उपस्थिति कम थी।

वहीं इस दौरान शराबी शिक्षक ने भी माना है कि उसे शराब पीकर पढ़ाना और स्कूल आना चाहिए लेकिन वह आदत ने मजबूर हो गया इसलिए शराब पी लिया हूँ ।

जिलें के जनजातीय बाहुल्य इलाके के सरकारी स्कूलों की जमीनी हकीकत कैसी है इसका अंदाजा लगा जा सकता है,वहीं जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रनिधियों को जरूरत है इन स्कूलों और यहां पदस्थ शिक्षकों पर बेहतर मॉनिटरिंग करने की ताकि इन स्कूलों की स्थिति सुधर सकें और सरगुजा जैसे जनजातीय बाहुल्य इलाके के भोले-भाले गरीब परिवार के बच्चों का बेहतर पढ़ाई हो सकें और उनके सपने साकार हो सकें,

इस मामले में मैनपाट बीईओ योगेश शाही ने कहा कि, ऐसे शिक्षकों पर कड़ी कार्रवाई होगी। इसके लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा। ऐसे शिक्षक विभाग में हैं तो यह अच्छा संदेश नहीं जाता है। वीडियो में शिक्षक स्वीकार करते दिख रहा है कि उसने शराब का सेवन किया है। निश्चित ही उस पर कार्रवाई होगी। बीईओ शाही ने बताया कि, पहले भी शिक्षक के शराब पीने की शिकायत मिली थी, उसे नोटिस जारी किया गया था। जिसके बाद वह सुधर गया था। सीएससी से भी रिपोर्ट मांगी गई थी। ऐसे शिक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।

Categorized in: