आईटीसी लिमिटेड के जिम्मेदारों की सक्रियता से लाखों का सिगरेट बरामद होने की संभावना

अंबिकापुर। सिगरेट के शौकीनों के लिए यह खबर चैंकाने वाली हो सकती है, क्योंकि वे जिन नामी ब्रांडों की महंगी, सस्ती सिगरेट का कस ले रहे हैं, वह आकर्षक पैकिंग में नकली उत्पाद भी हो सकता है। ऐसा मामला अंबिकापुर में सामने आया है। कंपनी के पॉवर अटार्नी धारक एक वर्ष पहले से ही नकली सिगरेट के उत्पाद और खपत में लगे लोगों के तलाश में हाथ-पांव मार रहे थे। इसी क्रम में जब उन्होंने थोक और फुटकर दुकानों को खंगाला, तो पता चला कि नकली सिगरेट खपाने की जो उड़ती खबर उन तक पहुंच रही थी, वह सही है। आईटीसी लिमिटेड का नकली उत्पाद व्यापक पैमाने पर कारोबारियों तक पहुंच रहा है। उपभोक्ताओं के बीच इसका प्रचलन जोरों पर है। इनके द्वारा शहर से लाखों रुपये का नकली उत्पाद बरामद किया गया है, वहीं मामले में अंबिकापुर के एक कारोबारी के विरूद्ध अपराध दर्ज किया गया है।


बता दें कि आईटीसी लिमिटेड तंबाकू के अलावा विभिन्न क्षेत्रों में भी अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा है। आईटीसी के सदानन्द मिश्रा पिता सूर्यनारायण मिश्रा ई-65, छतरपुर एक्सटेंशन, नई दिल्ली महरौली ने सरगुजा पुलिस के संज्ञान में लाया है कि आईटीसी लिमिटेड तक सिगरेट के विभिन्न ब्रांडों में गोल्ड फ्लेक, फ्लेक, फ्लेक लिबर्टी, गोल्ड फ्लेक इंडीमिंट सहित अन्य ब्रांड के नकली और उल्लंघनकारी सिगरेट उत्पाद व्यापक पैमाने पर वितरण व प्रचलन में लाने की जानकारी मिली थी। यह भी पता चला था कि कपिल मित्तल एंड संस के महाराजा अग्रसेन मार्ग अंबिकापुर स्थित गोदाम और राम मंदिर रोड स्थित निवास से इसका बड़े पैमाने पर आपूर्ति और बाजार में बिक्री के लिए वितरण किया जा रहा है। इसकी प्रमाणित जानकारी के आधार पर जब उन्होंने विभिन्न प्रतिष्ठानों का दौरा किया तो नकली सिगरेट बिक्री करने की पुष्टि हुई। इसमें थोक विक्रेता के द्वारा गोल्ड विमल और गोल्ड फिल्टर ब्रांड की बिक्री शामिल है, जिसका अवैध रूप से एक इकाई के द्वारा निर्माण किया जा रहा था, जो गोल्ड स्टेप टोबैको प्राइवेट लिमिटेड है। नकली सिगरेटों का यह व्यापार उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है, ऐसे नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जरूरत है। इसके पहले बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में भी नकली सिगरेट के बड़े पैमाने पर चल रहे अवैध कारोबार का पर्दाफास हुआ था। आईटीसी लिमिटेड के अधिकृत प्रतिनिधि ने इसकी शिकायत थाने में दर्ज कराई थी, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज किया था और अग्रिम जांच कार्रवाई कर रही थी।

इन्हें बताया गया है मुख्य षड्यंत्रकारी
बाजार सर्वे के दौरान आईटीसी के अधिकृत ने गोल्ड फ्लैक के ट्रेड मार्क का अवैध उपयोग व धोखाधड़ी करना पाया। उत्पाद निम्न गुणवत्ता के और आईटीसी गोल्ड फ्लैक का नकली अनुकरण था। इसके अलावा फारएवर फ्लैक सिगरेट भी प्रचलन में मिला, जो एलोरा टोबैको कंपनी लिमिटेड द्वारा निर्मित और आईटीसी के पंजीकृत ट्रेड मार्क का उल्लंघन करता है। बताया गया है कि जीटीपीसी विमल, गोल्ड फिल्टर, गोल्ड विमल और गोल्ड विमल इंडोमिंट ब्रांड के सिगरेट का निर्माण गोल्ड स्टेप टोबैको प्राइवेट लिमिटेड के द्वारा किया जाता है। रमेश सुल्तानिया, लल्लू प्रसाद और बिगन्द्र कुमार सिंह के निर्देशन में कम्पनी संचालित है। इन्हें ट्रेडमार्क के उल्लंघनकारी सिगरेट उत्पादों के निर्माण का मुख्य षड्यंत्रकारी बताया गया है। इसी तरह मेसर्स ग्राीन कार्प एग्रो टी (ओपीसी) प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक चेदुरति स्टार लिबर्टी और जीटीपीएल विमल ब्रांड सिगरेट के उत्पादन में संलग्न हैं, इन पर आईटीसी के संरक्षित गोल्ड फ्लैक ट्रेडमार्क के अधिकारों का उल्लंघन और अतिक्रमण का आरोप है। वहीं एलोरा टोबैको कंपनी लिमिटेड, निदेशक अशोक शर्मा, धर्मेन्द्र सिंह परमार, लोकेश ठंडानी और पूनम चंद्र के नेतृत्व में काम करती है। इसके निदेशक और संबंधित तम्बाकू निर्माण कंपनी को नकली उत्पाद संचालन के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है। कहा गया है कि संबंधित व्यक्ति आईटीसी की मूल्यवान, बौद्धिक सम्पदा, संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के साथ ही उपभोक्ताओं को गुमराह करने के जिम्मेदार हैं।

गंभीर धाराओं के तहत हुआ मामला दर्ज
आईटीसी लिमिटेड के अधिकृत सदानन्द मिश्रा की शिकायत पर कोतवाली थाना पुलिस मामले में बीएनएस की धारा 318 (4), 349, कॉपी राइट एक्ट संशोधित 1957 की धारा 67, ट्रेड मार्क अधिनियम 1944 की धारा 104 के तहत अपराध पंजीबद्ध की है। समाचार लिखे जाने तक कितनी मात्रा में नकली उत्पादों को पुलिस अपनी सुपुर्दगी में ली है, यह अस्पष्ट है। साथ ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में कोटपा एक्ट के तहत वैधानिक कार्रवाई शहर में शुरू की गई है। शुक्रवार को प्रशासन और पुलिस की टीम दोपहर बाद कार्रवाई के लिए रवाना हुई, और तम्बाकू उत्पाद के विक्रेताओं के यहां दबिश देकर जांच, कार्रवाई करने में जुट गई है। सूत्रों का कहना है कि पूर्व में भी पुलिस ने सिगरेट के नकली उत्पादों का मामला संज्ञान में आने पर अपने स्तर पर संबंधितों के यहां दबिश देकर जांच, कार्रवाई की थी, लेकिन इस दौरान उन्हें कुछ भी हासिल नहीं हुआ था।

Categorized in: