अंबिकापुर। कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर नौकरी लगाने का झांसा देकर ठगी करने के मामले में गांधीनगर थाना पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी द्वारा स्वास्थ्य विभाग में नौकरी लगवाने के नाम पर झांसे में लेकर 10 लाख रुपये की ठगी की गई थी। पुलिस टीम ने मामले में फर्जी नियुक्ति प्रमाणपत्र भी जप्त किया है।
जानकारी के मुताबिक थाना गांधीनगर अंतर्गत हनुमान मंदिर के सामने रहने वाले दिनेश यादव ने पुलिस को बताया था कि उसका जान-पहचान करीब 3 वर्ष पूर्व पवन कुमार समीर से हुआ था, जो तत्समय केन्द्रीय विद्यालय अंबिकापुर में शिक्षक था। जान-पहचान होने के बाद पवन कुमार समीर उसके लड़के का स्वास्थ्य विभाग में कम्प्यूटर आपरेटर के पद पर नौकरी लगवा देने की बात कहते हुए इसके एवज में 10 लाख रुपये देने कहा। पवन कुमार समीर उसे अलग-अलग किश्त में 10 लाख रुपये दे दिया। एक-दो महीने बाद पवन कुमार समीर दिनेश के लड़के के नाम पर नियुक्ति पत्र भेजवाकर रायपुर जाने के लिए कहा तो वह नियुक्ति पत्र लेकर रायपुर कार्यालय में पहुंच गया। यहां जाने के बाद पता चला कि रायपुर से ऐसा कोई नियुक्ति पत्र जारी नहीं हुआ है, नियुक्ति पत्र फर्जी है। बाद में वह पवन कुमार समीर से अपना पैसा वापस मांगा तो वह 6 लाख रुपये उसे वापस किया, बाकी 4 लाख रुपये मांगने पर टाल-मटोल करने लगा। रिपोर्ट पर पुलिस ने थाना गांधीनगर में धारा 420 भादवि का अपराध पंजीबद्ध कर करके विवेचना में लिया था। आरोपी की पतासाजी के लिए पुलिस टीम अलीगढ़ उत्तर प्रदेश पहुंची और आरोपी पवन समीर पिता डॉ. होतीलाल 40 वर्ष, निवासी एमआईजी 623, आवास विकास कॉलोनी सेक्टर 07 बोदला आगरा, हाल-मुकाम क्वाटर नंबर 313 केंद्रीय विद्यालय स्टॉफ कॉलोनी देवखैनी, रामघाट रोड अलीगढ़ उत्तर प्रदेश को गिरफ्तार करके न्यायालय सीजीएम अलीगढ़ से ट्रांजिट रिमांड प्राप्त कर थाना गांधीनगर लेकर पहुंची। पूछताछ में आरोपी ने नौकरी लगाने के नाम पर ठगी व कूटरचित फर्जी नियुक्ति प्रमाण पत्र देना स्वीकार किया। आरोपी के विरुद्ध प्रकरण में धारा 467, 468, 471 भादवि जोड़कर पुलिस ने आरोपी को न्यायिक रिमांड में भेज दिया है। कार्रवाई में थाना प्रभारी गांधीनगर निरीक्षक मोरध्वज देशमुख, सहायक उप निरीक्षक विपिन तिवारी व दिलसाय कुजूर, आरक्षक देवेंद्र पाठक, प्रमोद कुमार सक्रिय रहे।

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