न्यायालय से अनुमति मिलने के बाद अग्रिम जांच की तैयारी में जुटी पुलिस

गिरिजा ठाकुर 

 अंबिकापुर। शहर के व्यवसायी पुत्र की हत्या के मामले में सरगुजा पुलिस अब संजीव मंडल उर्फ भानू का नार्को, ब्रेन मैपिंग और पोलीग्राफ टेस्ट कराएगी। हत्या के इस मामले में थाना गांधीनगर पुलिस ने धारा 103 बीएनएस व 25, 27 आर्म्स एक्ट का प्रकरण कायम किया था। टेस्ट के लिए आरोपी भी तैयार है, इसके बाद पुलिस को न्यायालय अंबिकापुर से आवश्यक अनुमति मिल चुकी है।

विदित हो कि बीते 21 अगस्त को अंबिका स्टील के संचालक के पुत्र अक्षत अग्रवाल का शव गांधीनगर थाना क्षेत्र में उसी की कार के अंदर मिला था। गुम इंसान के मामले की जांच में जुटी पुलिस तमाम सीसीटीव्ही खंगालते संदेही संजीव मंडल को तलाशते उसके घर तक पहुंची थी और उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने हत्या करना स्वीकार किया था। पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त तमंचा कार से वहीं नगद रकम और सोने के जेवरात आरोपी के घर से बरामद किए थे। हत्यारे के कथन के अनुसार मृतक ने खुद अपनी हत्या की सुपारी के रूप में उसे नगद रकम और अपने जेवरातों को दिया था। इसके बाद सवाल यह उठ रहा था कि आखिर कोई स्वयं अपनी हत्या सुपारी देकर क्यों कराएगा। पुलिस खुद आरोपी संजीव मंडल के इस बयान को सहजता से स्वीकार नहीं कर पाई है, वहीं मृतक के स्वजन भी हत्यारोपी के इस बयान को लेकर संतुष्ट नहीं हैं। हत्या के आरोपी संजीव मंडल को न्यायिक रिमांड में पेश करने के बाद पुलिस ने उसे तीन दिन के रिमांड में पुन: लिया था। आरोपी पुन: की गई पूछताछ में भी अपने पुराने बयान पर अडिग रहा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि संजीव के बयान का तस्दीक करने और सच, झूठ को जानने के लिए अब तकनीकि मदद ली जाएगी। ब्रेन मेपिंग टेस्ट और नार्को टेस्ट के साथ ही पोलीग्राफ टेस्ट के माध्यम से पता लगाया जाएगा कि हत्यारोपी द्वारा हत्या की बताई गई वजह कितना सहज है। नार्को परीक्षण जिसका होना है, उसकी भी सहमति लेनी जरूरी है, ऐसे में इस मामले में आरोपी संजीव मंडल ने नार्को समेत अन्य टेस्ट के लिए सहमति दी है। न्यायालय से इसकी अनुमति मिलने के बाद सरगुजा पुलिस आरोपी संजीव मंडल को रायपुर नार्को टेस्ट के लिए लेकर जाएगी। ब्रेन मेपिंग और पोलीग्राफ टेस्ट गांधीनगर गुजरात में होगा।

गांधीनगर थाना अंतर्गत हत्या के प्रकरण में गिरफ्तार आरोपी संजीव मण्डल उर्फ भानू द्वारा मृतक अक्षत अग्रवाल की हत्या के संबंध में तथ्यात्मक व पूर्ण जानकारी एवं नए सूत्र प्राप्त करने के लिए नार्को टेस्ट, ब्रेन मैपिंग तथा पोलीग्राफ टेस्ट कराया जाना है। गांधीनगर थाना पुलिस द्वारा न्यायालय के समक्ष प्रतिवेदन पेश कर इसके लिए अनुमति मांगी गई थी। न्यायालय ने गिरफ्तार आरोपी के नार्को, ब्रेन मैपिंग तथा पोलीग्राफ टेस्ट के लिए अनुमति दे दी है।
अमोलक सिंह ढिल्लो, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरगुजा

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