मामला शहर के पटपरिया निवासी व्यवसायी पुत्र की हत्या का


अंबिकापुर। शहर के व्यवसायी पुत्र की गोली मारकर हत्या करने के मामले में आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस यह पता लगाने में तीन दिन के अंतराल में असफल रही कि किस वजह से आरोपी ने गोली मारकर हत्या की वारदात को अंजाम दिया। घंटों चली पूछताछ के बाद भी आरोपी का एक ही राग पुलिस को सुनने को मिला और पुलिस ने अंतत: आरोपी द्वारा कही गई बातों को मान लिया, जिसमें मृतक द्वारा स्वयं अपनी हत्या के लिए सुपारी देने जैसी बात सामने आई है। हालांकि हत्यारे की यह बात पुलिस के गले नहीं उतर रही है। ऐसे में आरोपी को जेल भेजने के बाद भी पुलिस चुप नहीं बैठेगी और विशेष टीम के माध्यम से जांच प्रक्रिया को जारी रखते हुए अग्रिम कार्रवाई जारी रखेगी।
बता दें कि मनेन्द्रगढ़ रोड पटपरिया में रहने वाले महेश कुमार केडिया ने बीते 20 अगस्त को अपने पुत्र अक्षत अग्रवाल के गुमशुदगी की सूचना थाने में दर्ज कराई थी। पुलिस इस मामले में पड़ताल शुरू की तो सामने आया कि उसके साथ आखिरी बार संजीव मंडल उर्फ भानू बंगाली साथ रहा। इसका लोकेशन प्राप्त कर पुलिस पूछताछ की, तो उसने अक्षत की गोली मारकर हत्या करने की बात को स्वीकार लिया। आरोपी के निशानदेही पर पुलिस ने मेण्ड्रा के पहाड़ घुटरी जंगल से युवक का शव उसी के कार के अंदर से बरामद किया था। मामले में पूछताछ दौरान आरोपी ने इतना ही बताया कि अक्षत उसे 50 हजार रुपये नगद और सोने के जेवर देते हुए अपनी हत्या करने के लिए कहा था, जिस पर उसने अक्षत के सीने में तीन गोली मारकर उसकी हत्या कर दिया। पुलिस ने शव को बरामद करने से पहले ही आरोपी को पकड़ लिया था लेकिन सख्त पूछताछ के बाद भी हत्याकांड का असल कारण सामने नहीं आ पाया है। पूछताछ में आरोपी ने यह तो स्वीकार किया कि उसने ही हत्या की है, परन्तु मृतक के द्वारा अपनी ही हत्या के लिए सुपारी देने की बात को पुलिस झुठला नहीं सकी। पुलिस ने आरोपी से एक होंडा साइन मोटरसाइकिल भी बरामद किया है। अपराधी की धरपकड़ के साथ चली अब तक की कार्रवाई में थाना प्रभारी गांधीनगर प्रदीप जायसवाल, साइबर सेल के प्रभारी निरीक्षक मोरध्वज देशमुख, प्रभारी साइबर रेंज थाना निरीक्षक कलीम खान, स्पेशल टीम प्रभारी सहायक उपनिरीक्षक विवेक पाण्डेय, सउनि विनय सिंह, प्रधान आरक्षक सुधीर सिंह, गणेश कदम, आरक्षक अनुज जायसवाल, सुयश पैकरा, विकास मिश्रा, रमेश राजवाड़े, सत्येन्द्र दुबे, संजीव चौबे, विकास सिंह, अमित विश्वकर्मा, अरविंद उपाध्याय, ऋषभ सिंह, उमाशंकर साहू, घनश्याम देवांगन, पंकज लकड़ा, संजय राजवाड़े, आरक्षक साइबर रेंज थाना विवेक किण्डो शामिल रहे।
आरोपी के द्वारा बताई गई बातों की दिशा में होगी अग्रिम जांच
व्यवसायी पुत्र की हत्या का पर्दाफास करते हुए पुलिस अधीक्षक योगेश पटेल ने बताया कि आरोपी को हत्या के चंद घंटे बाद ही पकड़ लिया गया था। घटनास्थल से पुलिस ने तीन खाली कारतूस तथा आरोपी के पास से हत्या में प्रयुक्त तीन देशी बंदूकें, 32 नग जिंदा कारतूस, 48 हजार रुपये नगद, मृतक का दो नग सोने का चैन, दो अंगूठी, एक ब्रेसलेट बरामद किया है। उन्होंने कहा कि हत्या के इस मामले में आरोपी द्वारा बताई गई बात पर हमें भी यकीन नहीं हो पा रहा है। हत्या का कारण या तो मृतक जानता था या आरोपी। ऐसे में अब पुलिस उसकी बताई गई बातों पर ही अग्रिम जांच करेगी। आरोपी अपराधी किस्म का है, पहले से ही उस पर कई प्रकरण दर्ज हैं। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि मामले की जांच के लिए पुलिस की दो विशेष टीमों को गठन किया जा रहा है।

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