लॉकडाउन के कारण खराब हुई व्यवसायियों की आर्थिक स्थिति, व्यापारियों ने कहा की अगर फिर से हुआ लॉकडाउन तो पूर्ण रूप से समर्थन देने में होगी दिक्कत

अम्बिकापुर – कोरोना महामारी के कारण पूरे देश में 2 महीने का कंप्लीट लॉकडाउन लगाया गया था जिसके बाद में धीरे धीरे केंद्र शासन ने अनलॉक करना शुरू किया मगर छत्तीसगढ़ प्रदेश में फिर से कोरोना के बढ़ते कदम के कारण विभिन्न क्षेत्रों में 22 जुलाई से 6 अगस्त तक का लॉकडाउन लगाया गया है जिसके बाद व्यापारियों की आर्थिक स्थिति दयनीय नजर आ रही है।व्यापारी संगठन कैट के प्रदेश उपाध्यक्ष मुकेश अग्रवाल,प्रदेश मंत्री शुभम अग्रवाल,जिलाध्यक्ष रविन्द्र तिवारी ने बताया की शहर में 50 फीसदी से अधिक किराए की दुकानें हैं जो की व्यापारियों ने ले रखी है जिसका माह का किराया 20 हज़ार से लेकर 2 लाख रुपये तक है।साथ ही कर्मचारी का वेतन,ईएमआई व अन्य खर्च मिला कर बहुत खर्चे व्यापारी के रहते हैं जो की ऐसी स्थिति में निकलना कठिन साबित हो रहा है।बहुत से व्यापारियों ने तो किराया नही दे पाने की वजह से दुकाने भी खाली करना शुरू कर दिया है।अगर अब फिर से लॉकडाउन बढ़ता है या लगाया जाता है तो व्यापारी पूर्ण रूप से समर्थन नही दे पायेगा।
कोरोना बीमारी अभी लंबे वक्त तक चलने वाली है ऐसा प्रतीत हो रहा है,ऐसे में दुकाने बार बार बन्द करना व्यापारियों के साथ अन्याय सा लग रहा है।व्यापारियों ने तो यहाँ तक कह दिया की कोरोना हमे मारे या ना मारे आर्थिक बोझ हमे जरूर मार देगा।
रोजाना संगठन के पास व्यापारी संपर्क कर अपना आक्रोश व्यक्त कर रहे हैं जिस कारण संगठन पर भी दबाव बढ़ता जा रहा है।लोगो का कहना है की अब हमारी कमर टूट चुकी है अब लॉकडाउन का समर्थन देना मुश्किल लग रहा है।
व्यापारी के साथ साथ व्यापारी से जुड़े बहुत से लोग बेरोजगारी के कारण आर्थिक स्थिति का सामना कर रहे हैं जैसे बढ़ाई मिस्त्री,पेंटर व अन्य इस तरह के लोग जिनका रोजगार व्यापारी के व्यवसाय से ही होता है वह सभी बेरोजगार हो गए हैं। एक तरफ जहां शासन-प्रशासन रोजगार की बात करती है तो वही इन सभी के बेरोजगारी से सभी को आर्थिक स्थिति का सामना करना पड़ रहा है जिस वजह से उन्हें खाने के लाले पड़े हुए हैं।

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