बिश्रामपुर। मानसिक तनाव की वजह से एक कालरी कर्मी ने आज तड़के ब्लेड से गर्दन के नस को काटकर रेण नदी में कूदकर अपनी जान दे दी है। गौरतलब है कि ग्राम पंचायत जयनगर वरपारा निवासी 57 वर्षीय बसंत सिरदार पिता साधु राम बिंझिया ग्राम अर्जुननगर पेंडरखी में अपने ससुराल में रहकर वहीं से एसईसीएल रेहर खदान में ड्यूटी करता था। बताया जा रहा है कि बीती रात कालरी कर्मी बसंत सिरदार किसी मानसिक तनाव की वजह से घर में बिना सोए रात भर घर में ही अंदर बाहर हो रहा था। इसके पश्चात आज तड़के ही गांव के ही हुंकारीदाह के पास जाकर रेण नदी के तट पर अपनी लूंगी व जूता को नदी किनारे उतारकर ब्लेड से अपने गर्दन का नस काटकर तत्काल नदी में कूदकर अपनी जान दे दी है। कालरी कर्मी के काफी विलंब तक घर वापस नहीं लौटने पर परिजन व ग्रामीणों द्वारा उसकी तलाश शुरू की गई तब नदी किनारे उसके लूंगी व जूता को देखकर नदी में डूबने की आशंका जताते हुए जयनगर पुलिस व ग्रामीणों को सूचना दी गई। सूचना पर जयनगर थाना के टीआई नरेंद्र सिंह, सहायक उपनिरीक्षक प्रवीन राठौर, नगर सैनिक अली अकबर तत्काल दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। वहां पर पुलिस द्वारा तत्काल डीडीआरएफ सूरजपुर को सूचना देकर बुलाया गया। सूचना मिलने पर डीडीआरएफ सूरजपुर टीम जिला सेनानी संजय गुप्ता के मार्गदर्शन में डीडीआरएफ प्रभारी बीरबल गुप्ता, धीरेंद्र, नेमसाय, तुलेश्वर, शिवप्रसाद, बेला प्रताप, टामेश्वर, देवनारायण, सोमार साय, रिकेश गुप्ता, शिव प्रताप, बृज बिहारी गुप्ता तत्काल घटना स्थल पर पहुंचकर करीब 2 घंटे की कड़ी मशक्कत उपरांत कालरी कर्मी के शव को नदी से बरामद कर बाहर निकाला। बताया जा रहा है कि कालरी कर्मी बसंत सिरदार किसी बात को लेकर काफी मानसिक तनाव में था, यह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सका है। मामले में पुलिस ने शव पंचनामा पीएम उपरांत शव परिजन के सुपुर्द कर मामले में मर्ग कायम कर विवेचना शुरू कर दी है।

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