प्रदेश में कानून व्यवस्था की अराजक स्थिति, आगजनी एवं प्रशासनिक नाकामी को लेकर कांग्रेस ने दिया धरना

अंबिकापुर। छत्तीसगढ में विष्णुदेव सरकार आने के बाद प्रदेश में कानून व्यवस्था की अराजक स्थिति, आगजनी की घटनाओं एवं प्रशासनिक नाकामी को लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर जिला कांग्रेस कमेटी सरगुजा ने मंगलवार को एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन का आयोजन किया गया। शहर के गांधी चौक के पास स्थित डॉटा सेंटर के पास आयोजित धरना-प्रदर्शन में जिले के सभी वरिष्ठ कांग्रेसियों के साथ ही बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और ग्रामीण क्षेत्रों से आए लोगों ने भाग लिया। हाल ही में बलौदा बजार जिला मुख्यालय में जिलाध्यक्ष कार्यालय सहित सैकड़ों वाहनों में आंदोलन के दौरान आगजनी की घटना हुई थी। करीब एक माह पूर्व सतनामी समाज के धर्मस्थल के अपमान का मामला सामने आने के बाद समाज ने इसकी शिकायत बलौदा बजार के प्रशासन को दी थी, किंतु एक माह बाद भी कारवाई के नाम पर लीपापोती करने से समाज में आक्रोश व्याप्त था। प्रदेश सरकार ने इस ममले को गंभीरता से नहीं लिया। नतीजतन बलौदा बजार की आगजनी का खामियाजा वहां के निर्दोष लोगों को भुगतना पड़ा।

मौजूदा सरकार के आने के बाद माह अप्रैल से राशन दुकानों मेें चना का आबंटन बंद हो गया है। कई राशन दुकानों में चावल की आपूर्ति नहीं होने से लोगों को राशन वितरण नहीं हो पा रहा है। प्रदेश सरकार ने राशन के चावल के कोटे में कटौती कर उसे प्रति व्यक्ति 5 किलो कर दिया है। प्रदेश में जहां एक ओर विद्युत व्यवस्था चरमरा गई है, भीषण गर्मी में घंटों बिजली कटौती हो रही है, वहीं प्रदेश सरकार ने तुगलकी निर्णय लेते हुए बिजली की दरों में वृद्धि कर दी है। नीट परीक्षा के दौरान बालोद एवं दंतेवाड़ा के परीक्षा सेंटर पर हुई गड़बड़ियों के कारण प्रदेश की छवि खराब हुई है। प्रदेश में स्वास्थ्य व्यवस्था चरमरा गई है। नए हमर क्लिनिक की स्थापना ठंडे बस्ते में है। स्वास्थ्य विभाग का अमला आम लोगों के साथ बदसलूकी कर रहा है। स्वास्थ्य कर्मचारियों की लापरवाही के कारण खुले में प्रसव की घटनाएं हो रही हैं। स्कूलों के लिए जारी राशि अधिकारी और ठेकेदार आपस में बंदरबांट कर लिए हैं, जिससे स्कूलों का उन्नयन नहीं हो पाया है। धरना प्रदर्शन को कई वक्ताओं ने संबोधित किया। प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष जेपी श्रीवास्तव ने प्रदेश सरकार को असफल बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार ने प्रदेश के प्रशासनिक ढांचे पर जो मेहनत की थी, उसे विष्णुदेव सरकार ने छह महीने में धराशायी कर दिया। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महामंत्री द्वितेन्द्र मिश्रा ने कहा कि विष्णुदेव सरकार में प्रशासनिक कार्यकुशलता की कमी है। उन्हें मालूम ही नहीं किस प्रकार से शासन-प्रशासन का संचालन करना चाहिए। इस कमी का नतीजा प्रदेश की जनता भुगत रही है। श्रम कल्याण बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष शफी अहमद ने सिलसिलेवार ढंग से बलौदाबजार के साथ ही प्रदेश में कानून व्यवस्था की खराब हो रही स्थिति का विवरण दिया। उन्होंने बताया कि वास्तव में प्रदेश की सरकार कठपुतली सरकार है, जो कि पीएमओ के नियंत्रण में चल रही है। पीएमओ को छत्तीसगढ़ के हालात की जानकारी ही नहीं है। इस कारण प्रदेश का प्रशासन भगवान भरोसे चल रही है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष राकेश गुप्ता ने सरगुजा संभाग में प्रशासनिक असफलताओं का विवरण पेश किया। साथ ही महामहिम राज्यपाल से प्रदेश की सरकार को बर्खास्त करने की मांग की। धरना-प्रदर्शन के उपरांत धरनास्थल पर प्रदेश की भाजपा सरकार के नाकामियों के सात बिंदुओं को रेखांकित करते हुए महामहिम राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा गया। कार्यक्रम का संचालन दुर्गेश गुप्ता ने किया। कार्यक्रम में मो. इस्लाम, राजीव प्रताप सिंह, मो. अब्बास, नुरुल अमीन सिद्दीकी, इरफान सिद्दीकी, सीमा सोनी, संजीव मंदिलवार, शैलेन्द्र प्रताप सिंह, अजय सिंह, विकल झा, अनूप मेहता, आशीष वर्मा, गुरुप्रीत सिद्धू, नरेन्द्र विश्वकर्मा, मो. जमील, दीपक मिश्रा, शुभम जायसवाल, सुदामा कुर्रे, गीता श्रीवास्तव, गीता प्रजापति, पूर्णिमा सिंह, रुही गजाला, काजू खान, मो. बाबर मो. कलीम अंसारी, बबन सोनी, राजनीश सिंह, चंद्रप्रकाश सिंह, विकास केशरी, अमित सिंह, पंकज शुक्ला, अविनाश कुमार, प्रीति सिंह, सरला राय, तरनजीत बाबरा, गोलू सिद्दीकी शामिल हुए। 

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