सोमवार को देर रात नशे की हालत में मिली थी, मामला संदेहास्पद प्रतीत हो रहा

अंबिकापुर। शहर के नमनाकला में स्थित शनि मंदिर के समीप कथित रूप से अपहरण करके ले जाई जा रही बालिका पिकअप वाहन से कूद गई। पिकअप में चार अन्य लड़कियों के होने की बातें बालिका के द्वारा सामने लाई गई है। पूर्ण काउंसलिंग के बाद ही बालिका की बातों में कितनी सच्चाई है, इसका पर्दाफास हो पाएगा। मामला पुलिस तक पहुंचा है, वे भी काउंसलिंग पूरा होने का इंतजार कर रहे हैं। अभी तक जिस प्रकार की घुमावदार बातें सामने आई हैं, उससे मामला पूरी तरह से संदिग्ध प्रतीत हो रहा है।

जानकारी के मुताबिक सोमवार की रात करीब 10 बजे, लगभग 12-13 वर्ष की एक बालिका अर्द्धमूर्छित अवस्था में कथित रूप से पिकअप से कूद गई थी। मौके पर पहुंची गांधीनगर पुलिस जब बालिका को अपने कब्जे में ली, तो वह नशे में प्रतीत हो रही थी। पूछताछ करने की स्थिति नहीं होने के कारण पुलिस उसे सुरक्षा की दृष्टि से दर्रीपारा स्थित बालिका गृह के सुपुर्द कर दी। मंगलवार को बालिका की काउंसलिंग करके उससे नाम, पता जानने की कोशिश की गई, लेकिन दोपहर बाद तक वह कुछ भी नहीं बताई। बार-बार की काउंसलिंग में वह बताई कि पिकअप में पांच लड़कियों के साथ वह थी, उन्हें नशे का इंजेक्शन लगाया गया था। इसके बाद वह बेहोशी की हालत में पहुंच गई थी। क्षणिक होश आने पर वह पिकअप वाहन से कूद गई। बालिका के द्वारा पिकअप में चार नकाबपोश लड़कों का होना बताया जा रहा है। समाचार लिखे जाने तक काउंसलिग में वह अपना नाम, पिता का नाम, पता नहीं बताई है, लेकिन सूरजपुर जिले के एक स्कूल में कक्षा आठवीं की छात्रा होना बता रही है। बालिका के द्वारा कुछ बातें छिपाई जा रही हैं, इसका अंदेशा बना हुआ है। काउंसलिंग टीम बालिका की स्थिति सामान्य होने के बाद से ही वास्तविक तथ्य सामने आए इस कोशिश में है। पुलिस सामने आए तथ्यों के आधार पर संदिग्ध पिकअप की पड़ताल कर रही है, लेकिन ऐसा कोई साक्ष्य नहीं मिला है, जिससे बालिका के पिकअप से कूदने की पुष्टि हो। हैरत की बात यह भी है कि पिकअप से कूदी बालिका के शरीर में कहीं चोट के लिए निशान तक नहीं आए हैं।
बताई गले में लगाया इंजेक्शन
बालिका के द्वारा गले में इंजेक्शन लगाने की जानकारी दी गई है, लेकिन उसके गले में कहीं इंजेक्शन लगाया गया हो, ऐसा कोई निशान देखने को नहीं मिला है। बालिका का स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया गया है। ऐसे में बालिका के द्वारा बताई गई सारी बातें कोरी गप्प साबित हो रही हैं, फिर भी बालिकाओं व महिलाओं से संबंधित अपराधों को लेकर पुलिस गंभीर है और अपने स्तर पर जांच, कार्रवाई करते हुए वास्तविकता जानने प्रयासरत है।
बयान
सोमवार को देर रात मिली बालिका को बालिका गृह में रखा गया है। काउंसलिंग के बाद ही वास्तविकता सामने आ पाएगी। अभी कुछ भी स्पष्ट नहीं है।  
अमोलक सिंह ढिल्लो, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरगुजा

Categorized in: