पॉस कॉलोनी में आग लगने से बनी अफरातफरी की स्थिति, 50 लाख से अधिक की क्षति का अनुमान  

अंबिकापुर। इलेक्ट्रिक स्कूटी में विस्फोट के बाद दो मंजिला मकान भीषण आग की चपेट में आ गया। शहर के पॉस कॉलोनी कुंडला सिटी में देर रात आवासीय मकान में लगी भीषण आग के बाद सभी घर से बाहर निकल आए। आग की चपेट में आए घर के अंदर बच्चों के साथ परिवार के 16 सदस्य फंसे थे, इन्हें रेस्क्यू करके पुलिस व दमकल की टीम ने बाहर निकाला। एक कमरे में व्यवसायी आशीष अग्रवाल के साथ काव्या, खुशी, विधि थे। आग से जल रहे सामान, बिजली वायरिंग का धुआं के कारण सभी को सांस लेने में परेशानी हो रही थी। दम घुटने की बनी स्थिति को देखते हुए आशीष ने दरवाजा खोला और हवा की भांति अंदर घुसी आग की लपट में आकर वे झुलस गए। आशीष के छोटे भाई अमित अग्रवाल, नेहा अग्रवाल, अरुण अग्रवाल भी झुलस गए, इनका एक निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है। मौके पर दमकल टीम के पहुंचने में विलंब होने के बीच मौके पर पुलिस ने मोर्चा संभाला था। सभी का ध्यान घर के अंदर फंसे सदस्यों पर टिका था। दमकल कर्मियों ने पहुंचते ही आग को काबू में करने का प्रयास किया, जिसमें ढाई घंटे से अधिक समय लग गया। आगजनी में घर का पूरा सामान जलकर खाक हो गया, जिससे दुकान संचालक को 50 लाख रुपये की अधिक की क्षति पहुंची है।
जानकारी के मुताबिक कुंडला सिटी में सीडब्ल्यू 15 में किराए के मकान में अमित अग्रवाल, आशीष अग्रवाल और अरुण अग्रवाल का परिवार रहता है। इनकी श्याम मोबाइल के नाम से पैलेस रोड में दुकान संचालित है। व्यवसायी अमित अग्रवाल रात 11 बजे घर के बाहर पोर्च में खड़ी इलेक्ट्रॉनिक स्कूटी को चार्ज में लगाकर ऊपर मंजिल में सोने के लिए चले गए थे। देर रात लगभग 12.30 बजे तेज विस्फोट की आवाज सुनने को मिली, जिससे ऊपर के कमरे की खिड़की का शीशा टूट कर नीचे गिर गया था। ग्राउंड फ्लोर और प्रथम तल में परिवार के सदस्य खाना खाकर सो रहे थे। तेज आवाज सुनकर जब वे सीढ़ी से नीचे उतरे, तो आग घर के पूरे हिस्से में फैल चुकी थी। इससे घबराकर वे परिवार के सभी सदस्यों को शोर मचा कर उठाने का प्रयास करने लगे। नीचे के कमरे में अमित अग्रवाल की मां प्रभावती देवी, बहन पूजा सहित अन्य लोग सोए थे। इन्हें किसी तरह पुलिस के सहयोग से पीछे की दीवार में सीढ़ी लगाकर बाहर निकाला गया। ऊपर के कमरे में 10 लोग अलग-अलग कमरों में सोए थे। देर रात करीब 12.30 बजे घर में आग लगने की सूचना व्यवसायी ने फायर स्टेशन में दी। पौन घंटे बाद दमकल वाहन के साथ फायरमैन पहुंचे, तब तक मकान पूरी तरह से आग की चपेट में आ गया था। आग तेजी से फैलने का एक कारण इलेक्ट्रॉनिक स्कूटी के अलावा एक अन्य स्कूटी, मोटरसाइकिल में आग लगना था। पेट्रोल वाहन होने के कारण आग फैलते गई और दो साइकिल के अलावा घर में रखा 10 नया मोबाइल फोन, मोबाइल बैटरी, चार्जर, डाटा केबल, मोबाइल ग्लास, एसी, कूलर, कपड़े, अलमारी में रखा नकदी, जेवर, दीवान, पलंग, परिवार के सदस्यों का 10 मोबाइल फोन सहित कोई सामान सुरक्षित नहीं बचा।
पुलिस अधिकारी भी रेस्क्यू में सक्रिय रहे
आगजनी की सूचना पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमोलक सिंह ढिल्लो, कोतवाली पुलिस टीम पहुंची। फायर टीम के आते तक आग वृहद रूप ले चुकी थी। अन्दर जाने के रास्ते एवं सीढ़ी के पास तक आग के धधकने के कारण घर के अंदर-बाहर की ओर जाने वाले रास्ते से किसी का भी निकल पाना मुश्किल था। कोतवाली पुलिस टीम ने फायर टीम के पहुंचने तक ग्राउंड फ्लोर में रहने वाले परिवार के सदस्यों को जैसे-तैसे बाहर निकालने की कोशिश शुरू की। घर के प्रथम तल में फंसे परिवार को बचाने के लिए मकान के पीछे खिड़की का ग्रिल तोड़ा गया। अग्निशमन वाहन व उनकी टीम के सहयोग से आशीष अग्रवाल व परिवार के सदस्यों को बाहर निकाला गया।
राहत-बचाव में ये रहे सक्रिय
आग से घिरे परिवार को बचाने में एएसपी के नेतृत्व में थाना कोतवाली से उप निरीक्षक अखिलेश सिंह, सहायक उप निरीक्षक अजीत मिश्रा, प्रधान आरक्षक रजनीकांत मिश्रा, छत्रपाल सिंह, आरक्षक उपेंद्र सिंह की भूमिका सराहनीय रही। फायर टीम के नहीं पहुंचने तक कॉलोनी के लोग आग बुझाने के संयुक्त प्रयास में लगे थे। दमकल टीम से फायर स्टेशन प्रभारी अंजनी तिवारी, फायरमैन गौरव पाठक, राकेश रावत, गुलशन तिवारी, सहायक रविन्द्र यादव, फायर चालक संतुराम, फायरमैन राजेश्वर गुप्ता, सैनिक गौतम राम, नरेंद्र दुबे सक्रिय रहे।

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