अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने सहायक ग्रेड-३ से सहायक ग्रेड-२ के पद पर नियम विरूद्ध पदोन्नति का आरोप लगाया है। अधिष्ठाता राजमाता श्रीमति देवेन्द्र कुमारी सिंहदेव शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय अंबिकापुर को प्रेषित पत्र में पदोन्नति को निरस्त करने की मांग की गई है।
संघ के प्रदेश महामंत्री अनिल कुमाार पाण्डेय ने अधिष्ठाता के नाम प्रेषित किए गए पत्र में उल्लेख किया है कि अधिष्ठाता कार्यालय द्वारा वर्ष २०२३ में सहायक ग्रेड-३ से सहायक ग्रेड-२ के पद पर पदोन्नति की गई है। इनकी नियुक्ति वर्ष २०२० में व्यवसायिक परीक्षा मंडल के माध्यम से चयनित होने के बाद की गई है। बताया गया है कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, चिकित्सा शिक्षा तृतीय श्रेणी अराजपत्रित, लिपिक वर्गीय व अलिपिक वर्गीय सेवा भर्ती नियम २१ सितम्बर २०११ के नियमानुसार सहायक ग्रेड-३ से सहायक ग्रेड-२ में पदोन्नति के लिए, सहायक ग्रेड-३ के रूप में पांच वर्ष का अनुभव आवश्यक है। आरोप है कि पदोन्नति के लिए निर्धारित शासन के नियमों को दरकिनार करके पांच वर्ष के अनुभव की जगह तीन वर्ष के अनुभव के आधार पर सहायक ग्रेड-३ के कर्मचारी राकेश कुमार सिंह, भजनलाल पैकरा, योगेश कुमार सिंह, अजय भाई पटेल की पदोन्नति सेवा भर्ती नियम का पालन नहीं करते हुए सहायक गे्रड-२ में कर दी गई है। बता दें कि विभागीय पदोन्नति समिति के सदस्यों में अधिष्ठाता/प्राचार्य संयुक्त संचालक कम अधीक्षक अध्यक्ष, प्रोफेसर, सहायक अधीक्षक, अनु. जाति/अनु. जनजाति राजपत्रित अधिकारी के एक प्रतिनिधि सदस्य व एक प्रशासनिक अधिकारी सदस्य सचिव होते हैं। इसके बाद भी नियमों को ताक पर रखकर की गई नियुक्ति को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

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