शिकायत पर प्रबंधन ने चार्ज शीट जारी कर शुरू की जांच
बिश्रामपुर। चार वर्ष पूर्व एसईसीएल बिश्रामपुर क्षेत्र की लाखों रुपए के लकड़ी का तत्कालिक इंचार्ज द्वारा अपने निजी उपयोग कर कंपनी को चुना लगाए जाने का मामला प्रकाश में आया है। मामले की शिकायत पर प्रबंधन द्वारा जांच शुरू कर संबंधित को चार्ज शीट जारी कर नोटिस दिया गया है। नोटिस का जवाब मिलने व गठित टीम की जांच पूर्ण होने के बाद ही वस्तुस्थिति स्पष्ट होने की बात कही जा रही है। गौरतलब है कि एसईसीएल बिश्रामपुर क्षेत्र अंतर्गत सहक्षेत्र कुम्दा अंतर्गत बलरामपुर 7/8 परियोजना में पदस्थ फोरमैन इंचार्ज अनिल कुमार श्रीवास्तव जो पूर्व में ऑटो सेक्शन के प्रभारी थे। यहां पर हेराफेरी कर सप्लायरों को लाभ पहुंचाने के मामले में इन्हें हटाकर लकड़ी विभाग का कार्यभार सौंपा गया था। मामले में प्रार्थी संतोष श्रीवास्तव द्वारा क्षेत्रीय महाप्रबंधक को दिए ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि फोरमैन अनिल श्रीवास्तव द्वारा वर्ष 2020 के मई-जून महीने में जब समूचा विश्व कोरोना जैसी वैश्विक महामारी से जूझ रहा था, उस समय ऑक्शन के बाद वाड्रफनगर वन विभाग के काष्टागार से एसईसीएल में लगे निजी वाहन के माध्यम से तीन बार लकड़ी लाते समय भारी मात्रा में लकडियों को एसईसीएल में ले जाकर रखवाने की बजाए अंबिकापुर अपने निर्माणाधीन घर में उतरवा लिया गया है और इन्हीं लकडियों का उपयोग खिड़की व दरवाजा में भी किया गया है। प्रार्थी द्वारा यह भी उल्लेख किया गया है कि उस समय प्रार्थी के पास टिपर 912 वाहन था, जिसे फोरमैन अनिल कुमार श्रीवास्तव द्वारा गिट्टी व बालू ढोने की बात कहकर मंगाया गया था। उस समय प्रार्थी को नहीं मालूम था कि यह एसईसीएल कुम्दा उपक्षेत्र के लिए जा रही लकड़ी है।उस समय पूरा विश्व कोविड महामारी से त्रस्त था और वहीं दूसरी ओर फोरमैन अनिल कुमार श्रीवास्तव कंपनी को चूना लगाने में लगे थे। आरोप यह भी है कि कुम्दा सब एरिया के फोरमैन इंचार्ज अनिल श्रीवास्तव को वन विभाग के विभिन्न कष्ठागारों से नीलामी में लकड़ी की बोली लगाकर अपने सहक्षेत्र के स्टोर तक लाने की जिम्मेदारी दी गई थी, किंतु अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अनिल श्रीवास्तव द्वारा शातिराना अंदाज में वाड्रफनगर काष्ठागार से बेशकीमती लकड़ियों को परिवहन करते हुए कंपनी में ठेके पर लगी वाहन को पहले अपने ससुराल अंबिकापुर पटपरिया स्थित राशि हॉस्टल कैंपस में भेजा जाता था और वहां से बेसकीमती सागौन और वीजा की मोटी चिरान बल्लियों को अन्य वाहन में लोड कराकर कुछ ही दूरी पर अपने निर्माणाधीन मकान में भिजवाया गया है। इसके लिए परिवहन में परियुक्त एसईसीएल कंपनी के ट्रक के वाहन चालक को अपने झांसे में लेकर बदले में हर बार एक फिक्स रकम भी दिया गया है। साथ ही प्रबंधन के आंखों में धूल झोंक कंपनी को लाखों का चूना लगाया गया है।अब देखना यह होगा कि एसईसीएल के लाखों के संपत्ति हेराफेरी करने के मामले में ऐसे कामगार के विरुद्ध जिम्मेदार अधिकारी क्या कार्यवाही करते हैं या फिर लीपापोती कर दी जाती है। 
घोटाले से नहीं मिल रही छुटकारा
एसईसीएल बिश्रामपुर क्षेत्र में घोटालों से छुटकारा मिलती नहीं दिखाई पड़ रही है। क्षेत्र में इन दिनों विजलेंस के बाद अब सीबीआई द्वारा विभिन्न गड़बड़ियों की जांच जहां एक ओर की जा रही है, वहीं दूसरी व्यापक गड़बड़ी का मामला सामने आने से क्षेत्र की छवि भी काफी धूमिल हो रही है। जांच कार्यवाही चलने के बाद भी यहां पदस्थ कई अधिकारी-कर्मचारी सबक नहीं ले रहे हैं। 
जारी कर दी गई चार्ज शीट
मामले की शिकायत मिलने पर संबंधित फोरमैन अनिल श्रीवास्तव के लिए चार्ज शीट जारी कर दी गई है। साथ ही 2-3 अधिकारियों की एक टीम गठित करके मामले की जांच कराई जा रही है। संबंधित फोरमैन को नोटिस भी थमाकर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। जवाब मिलने व जांच प्रक्रिया पूर्ण होने के बाद ही वस्तुस्थिति स्पष्ट हो सकेगी। 
वाई. सिनाय
कुमदा सहक्षेत्र प्रबंधक

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